बेगमपुल पर प्रदर्शन के बाद दिल्ली रवाना हुए सुदीप जैन
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में जुटे सैकड़ों समर्थक; मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की मांग उठाई
मेरठ #ANN । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन के नेतृत्व में रविवार, 1 नवंबर को मेरठ के बेगमपुल पर विरोध प्रदर्शन किया गया। मोर्चा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदर्शन में सैकड़ों समर्थक और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कथित वोट चोरी, मतदाता सूची में अनियमितताओं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। इसके बाद सुदीप जैन समर्थकों के साथ दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए रवाना हुए।
प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने की स्थिति में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग भी की।
सरकार पर लगाए आरोप
सभा को संबोधित करते हुए सुदीप जैन ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और अंग्रेजों की हुकूमत में विशेष अंतर दिखाई नहीं देता। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह अंग्रेजी शासन जनता की वास्तविक इच्छा का प्रतिनिधित्व नहीं करता था, उसी तरह मौजूदा सरकार भी कथित वोट चोरी के सहारे सत्ता में आई है। ये आरोप प्रदर्शनकारियों और मोर्चा के नेताओं की ओर से लगाए गए।
सुदीप जैन ने कहा कि लोकतंत्र जनता के विश्वास पर टिका है और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि इससे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान हो सकेगा।
असहमति व्यक्त करना नागरिकों का अधिकार: जैन
सुदीप जैन ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और संगठनों को पाकिस्तान समर्थक या देशद्रोही बताने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना और असहमति दर्ज कराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उनके अनुसार, सरकार को सवाल उठाने वालों को देशविरोधी ठहराने के बजाय जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा लोकतंत्र, संविधान, निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा। प्रेस विज्ञप्ति में प्रदर्शन में शामिल लोगों की विस्तृत सूची या कार्यक्रम के दौरान किसी अन्य पक्ष की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।