गंगा तट पर योग कर निरोगी काया का संदेश देते हस्तिनापुर जिला गंगा समिति के कार्यकर्ता
मेरठ। जिला गंगा समिति, मेरठ के तत्वावधान में रविवार को हस्तिनापुर स्थित पवित्र भीकुंड गंगा तट पर 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया गया। योग, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित इस विशेष कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। गंगा तट पर आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मेरठ की प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) सुश्री वंदना फोगाट (आईएफएस) रहीं। उन्होंने मां गंगा के पावन तट पर आयोजित योग कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला और लोगों को नियमित योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।
गंगा किनारे योग साधना का अद्भुत दृश्य
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग सत्र का संचालन आयुष विभाग की प्रशिक्षक श्रीमती उमा तथा हस्तिनापुर के योग प्रशिक्षक श्री सुनील पोशवाल द्वारा किया गया। योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया।
प्रतिभागियों ने मकरासन, ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन, शवासन सहित अनेक महत्वपूर्ण योगासन किए। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन के स्वास्थ्य लाभ और उसके वैज्ञानिक महत्व की जानकारी भी दी। मां गंगा के शांत और आध्यात्मिक वातावरण में योग साधना करते हुए प्रतिभागियों ने मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
योग से स्वस्थ जीवन का संदेश
मुख्य अतिथि डीएफओ वंदना फोगाट ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन प्रातःकाल योग करने से मानसिक तनाव कम होता है तथा व्यक्ति का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है।
उन्होंने कहा कि गंगा तट पर योग का आयोजन लोगों को प्रकृति से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। साथ ही उन्होंने सभी से गंगा की स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
स्वच्छता अभियान के साथ दिलाई गंगा संरक्षण की शपथ
योग सत्र के उपरांत नमामि गंगे परियोजना के जिला परियोजना अधिकारी श्री तुषार गुप्ता ने उपस्थित युवाओं और नागरिकों को मां गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने लोगों से गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
इसके बाद गंगा तट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए सफाई कार्य किया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने स्वच्छ गंगा और स्वच्छ पर्यावरण के संकल्प को दोहराया।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस आयोजन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरित वातावरण बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल एक अभियान नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। गंगा तट पर लगाए गए पौधे भविष्य में पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को बढ़ावा देने में सहायक होंगे।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में जिला मंत्री श्री सुनील पोशवाल, खंड विकास अधिकारी हस्तिनापुर, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), नायब तहसीलदार, गंगा ग्रामों के प्रधान, पंचायत विभाग, राजस्व विभाग तथा वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
वन विभाग की ओर से क्षेत्रीय वनाधिकारी खुशबू उपाध्याय सहित अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
नमामि गंगे और WWF इंडिया का रहा सहयोग
इस आयोजन का सफल संचालन नमामि गंगे परियोजना के जिला परियोजना अधिकारी तुषार गुप्ता के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (WWF) इंडिया के प्रतिनिधि श्री गौरा दास का विशेष सहयोग रहा।
कार्यक्रम में जिला गंगा समिति मेरठ के सदस्य प्रियंक भारती सहित समिति के अन्य सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
सभी प्रतिभागियों का किया गया आभार व्यक्त
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी तुषार गुप्ता ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, सहयोगी संस्थाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योग, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने का उद्देश्य समाज में सकारात्मक जागरूकता पैदा करना है और भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
गंगा तट पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल योग दिवस का उत्सव बना बल्कि स्वच्छ गंगा, हरित पर्यावरण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सामूहिक जनभागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण भी साबित हुआ।