आयुक्त सभागार में बैठक करते प्रशासनिक अधिकारी
मेरठ। मेरठ मंडल में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को आयुक्त सभागार में आयुक्त मेरठ मंडल भानु चंद्र गोस्वामी एवं डीआईजी कलानिधि नैथानी की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेरठ एवं गाजियाबाद संभाग के अंतर्गत सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की गई तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान संभाग स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की गई तथा पूर्व में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
‘जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश
बैठक में मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने विशेष रूप से जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए जल्द से जल्द एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ इस दिशा में काम करें।
मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन या पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों की पहचान कर उनके स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने को कहा।
दुर्घटना करने वाले चालकों के लाइसेंस होंगे निलंबित
बैठक में सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि दुर्घटना करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा-19 के तहत लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
एनएच-58 पर अवैध कट बंद करने के आदेश
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर बने अवैध कटों को गंभीर समस्या मानते हुए मंडलायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को ऐसे सभी अवैध कट तत्काल बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध कटों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ती है।
नशे में और तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में नशे की हालत में वाहन चलाना और अत्यधिक गति से वाहन संचालन को चिन्हित किया गया। मंडलायुक्त ने पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा।
स्कूल बसों की फिटनेस पर भी रहेगा विशेष ध्यान
बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी स्कूल बसों की फिटनेस जांच समय पर पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाली बसों का संचालन किसी भी स्थिति में न होने दिया जाए।
वाहन चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना को सफल बनाने के लिए समय-समय पर वाहन चालकों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है, जिससे आम नागरिक भी यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एसपी ट्रैफिक राजेश कुमार श्रीवास्तव, संभागीय परिवहन अधिकारी अनीता सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अंबरीश कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन, संभागीय परिवहन अधिकारी गाजियाबाद पी.के. सिंह सहित मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर लिए गए निर्णयों को जल्द लागू करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए।