कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
मेरठ में कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: 10 अवैध संस्थान मिले, फायर सेफ्टी मानक पूरे न होने पर कराए गए बंद
मेरठ । लखनऊ में हाल ही में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद मेरठ प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुधवार को पुलिस, अग्निशमन विभाग और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने पी.एल. शर्मा रोड स्थित कोचिंग सेंटरों में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थानों की जांच की गई, जिनमें से 10 कोचिंग सेंटर अवैध रूप से संचालित होते पाए गए। साथ ही इन संस्थानों में फायर सेफ्टी के मानकों का भी गंभीर अभाव मिला।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान में पुलिस अधीक्षक यातायात, क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ), फायर स्टेशन अधिकारी (एफएसओ), अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों, भवन सुरक्षा व्यवस्था तथा छात्रों के लिए उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों का बारीकी से निरीक्षण किया।
फायर सेफ्टी मानकों की खुली पोल
निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन यंत्र या तो उपलब्ध नहीं थे या फिर उनकी समय-समय पर जांच नहीं कराई गई थी। कुछ संस्थानों में आपातकालीन निकास मार्ग की व्यवस्था भी मानकों के अनुरूप नहीं मिली। अधिकारियों ने पाया कि कई संचालक बिना आवश्यक अनुमति और पंजीकरण के कोचिंग संस्थान चला रहे थे, जिससे छात्रों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि जिन कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी के निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही उन संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कराने की कार्रवाई भी की गई है। इन संस्थानों को तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक वे सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर लेते।
बेसमेंट में कोचिंग संचालन पर विशेष निगरानी
जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी बेसमेंट में कोचिंग सेंटर संचालित नहीं होने दिए जाएंगे। बेसमेंट में संचालित संस्थानों को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में वहां से छात्रों को सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को निर्देश दिए कि वे भवन सुरक्षा, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करें। निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियों को दूर नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में कोचिंग संस्थानों में हुई दुर्घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा मानकों को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जारी रहेगा विशेष अभियान
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कोचिंग सेंटरों की नियमित जांच की जाएगी। बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश ऐसे संस्थानों में ही कराएं जो सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हों और विधिवत पंजीकृत हों। छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा