जन प्रतिनिधियों का स्वागत करते न्याय मूर्ति राम औतार सिंह
मेरठ। उत्तर प्रदेश स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण से संबंधित सुझाव और आपत्तियां प्राप्त करने के उद्देश्य से बुधवार को विकास खंड परीक्षितगढ़ में जनसुनवाई एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री राम औतार सिंह ने किया। जनसुनवाई का आयोजन विकास खंड परीक्षितगढ़ के सभागार तथा ग्राम पंचायत आलमगीरपुर बढ़ला के पंचायत भवन परिसर में किया गया।
बैठक में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। आयोग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था को लेकर सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गईं।
आयोग अध्यक्ष ने जनप्रतिनिधियों का किया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री राम औतार सिंह ने सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अध्ययन कर आरक्षण संबंधी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और न्यायसंगत बनाना है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र से जुड़े सुझाव और आपत्तियां आयोग के समक्ष खुलकर रखें।
विभिन्न ग्राम पंचायतों की स्थिति पर ली जानकारी
बैठक के दौरान आयोग के सदस्यों ने ग्राम पंचायत खाईखेड़ा खानपुरगढ़ी, नंगला गोसाई, तोफापुर, अगवानपुर, धनपुरा सहित अन्य ग्राम पंचायतों के प्रधानों से उनके क्षेत्रों की सामाजिक संरचना और पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या से संबंधित जानकारी प्राप्त की। आयोग ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपने-अपने ग्राम पंचायतों से जुड़े सुझाव एवं आपत्तियां लिखित रूप में प्रस्तुत करने का भी अनुरोध किया।
ब्लॉक प्रमुख ने बढ़े आरक्षण की उठाई मांग
जनसुनवाई के दौरान ब्लॉक प्रमुख परीक्षितगढ़ श्री ब्रह्मपाल सिंह ने सुझाव देते हुए कहा कि क्षेत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी लगभग 60 से 70 प्रतिशत के बीच है। ऐसी स्थिति में ओबीसी वर्ग को वर्तमान 27 प्रतिशत आरक्षण से अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने आयोग से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने बताई आयोग की भूमिका
ग्राम पंचायत आलमगीरपुर बढ़ला में आयोजित बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री श्री दिनेश खटीक ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से जुड़े विषयों पर व्यापक अध्ययन और सुझाव प्राप्त करने के लिए किया गया है।
उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने सुझाव और आपत्तियां आयोग को उपलब्ध कराएं, ताकि आयोग सभी पहलुओं का अध्ययन कर उचित सिफारिशें तैयार कर सके और आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता
बैठक में आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री राम औतार सिंह के साथ आयोग के सदस्य श्री बृजेश कुमार, डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया, श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा, श्री एस.पी. सिंह तथा श्री असलम अंसारी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य मंत्री दिनेश खटीक, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान, जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने जनसुनवाई में सक्रिय सहभागिता के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। साथ ही कहा कि प्राप्त सुझावों और आपत्तियों का अध्ययन कर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, जो भविष्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
जनसुनवाई के सफल आयोजन के साथ बैठक का समापन किया गया।