उत्तर प्रदेश के योजना भवन पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र के समग्र विकास, किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार, 25 जून 2026 को योजना भवन, लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। भारत सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाग लिया और राज्य के कृषि रोडमैप को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को अधिक सशक्त, आधुनिक और किसान हितैषी बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। कृषि उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, फसल विविधीकरण, कृषि विपणन व्यवस्था को मजबूत करने तथा किसानों की आय में वृद्धि के उपायों पर विशेष रूप से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने, कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम किसान तक पहुंचाने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने पर बल दिया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक, आधुनिक उपकरण और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना के तहत कार्य करने पर भी बल दिया।
बैठक में कृषि से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रदेश में संचालित कृषि योजनाओं, उनकी प्रगति तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी। साथ ही किसानों को तकनीकी सहायता, कृषि अवसंरचना के विकास, मूल्य संवर्धन, भंडारण क्षमता बढ़ाने और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और डिजिटल सेवाओं से जोड़कर किसानों की उत्पादकता और आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जल संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी सहमति व्यक्त की गई।
यह बैठक उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक विकास रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से किसानों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आगे भी इस प्रकार की बैठकों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.