लखनऊ में आयोजित बैठक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग जुलाई 2026 के द्वितीय सप्ताह में प्रदेश की सभी सहकारी गन्ना विकास समितियों में विशेष सामाजिक सुरक्षा जागरूकता एवं नामांकन अभियान आयोजित करेगा।
इस अभियान का उद्देश्य गन्ना किसानों एवं उनके परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
30 जून से पहले होगी जिला स्तरीय तैयारी बैठक
गन्ना एवं चीनी आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रत्येक जनपद में 30 जून 2026 से पहले जिला गन्ना अधिकारी की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी।
इन बैठकों में अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष, इफको के प्रतिनिधि, संबंधित चीनी मिलों के प्रधान प्रबंधक, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक तथा समिति सचिव भाग लेंगे। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, गोष्ठियों की तिथियां, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तथा किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति तय की जाएगी।
छोटी समितियों में तीन दिन, बड़ी समितियों में पांच दिन चलेंगी गोष्ठियां
अभियान के तहत छोटी गन्ना समितियों में तीन दिवसीय तथा बड़ी गन्ना समितियों में पांच दिवसीय कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
इन गोष्ठियों में किसानों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। पात्र किसानों एवं उनके परिवारों का मौके पर ही नामांकन कराने की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
एक ही स्थान पर मिलेंगी कई सुविधाएं
गोष्ठी स्थलों पर बैंक, इफको, चीनी मिलों और गन्ना समितियों की ओर से संयुक्त रूप से सहायता एवं नामांकन काउंटर लगाए जाएंगे।
इन काउंटरों पर किसानों को योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, प्रीमियम, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और बैंकिंग सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही नए कृषक सदस्यों का पंजीकरण, बैंक खाते खुलवाने, दस्तावेजों की फोटोकॉपी तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
गांव-गांव चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए समाचार पत्रों, पंपलेट, बैनर, पोस्टर, ग्राम स्तरीय बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों का सहारा लिया जाएगा।
गन्ना पर्यवेक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों में जाकर किसानों को योजनाओं के लाभ, कार्यक्रम की तिथियों और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस अभियान का लाभ उठा सकें।
महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा
अभियान में महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया गया है। महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा, ताकि उन्हें भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा सके और ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके।
हर समिति को दिया गया लक्ष्य
गन्ना एवं चीनी आयुक्त के अनुसार प्रत्येक गन्ना समिति, परिषद, जनपद और परिक्षेत्र स्तर पर लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। प्रयास रहेगा कि कम से कम 10 प्रतिशत पंजीकृत गन्ना किसान एवं उनके परिवार इस अभियान में भाग लेकर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त करें।
अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा लाभार्थियों का पूरा विवरण संकलित कर जुलाई 2026 के तृतीय सप्ताह में मुख्यालय को भेजा जाएगा।
किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनेगा अभियान
गन्ना एवं चीनी विभाग का मानना है कि यह विशेष अभियान किसानों एवं उनके परिवारों को दुर्घटना, मृत्यु, वृद्धावस्था तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक जोखिमों से सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। साथ ही किसानों को वित्तीय सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर होगा और भविष्य अधिक सुरक्षित बन सकेगा।