बैठक में अधीनस्थों को मोरिंगा के पौधे भेंट करते मेरठ जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
मेरठ। जनपद में पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, वेटलैंड संरक्षण और आगामी महावृक्षारोपण अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, जिला वृक्षारोपण समिति, जिला वेटलैंड समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वेटलैंड संरक्षण पर विशेष जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में पक्षियों के प्राकृतिक आवास एवं प्रवास को सुरक्षित बनाए रखने के लिए वेटलैंड के संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग को नए वेटलैंड क्षेत्रों की पहचान करने तथा मौजूदा वेटलैंड का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
डीएम ने कहा कि वेटलैंड न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि भूजल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी इनका विशेष योगदान है।
ग्राम गंगा समितियों की होगी नियमित समीक्षा
जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि गंगा नदी के किनारे गठित ग्राम गंगा समितियों की मासिक समीक्षा बैठकें नियमित रूप से आयोजित कराई जाएं। उन्होंने कहा कि गंगा किनारे आने वाली किसी भी समस्या को ग्राम स्तर से जिला गंगा समिति तक पहुंचाकर उसका समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
शोधित जल के पुनः उपयोग की बनेगी योजना
बैठक में जनपद में संचालित सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले शोधित जल के पुनः उपयोग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शोधित जल का अधिकतम उपयोग कर जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए और प्राकृतिक जल स्रोतों पर दबाव कम किया जाए।
गंगा किनारे विकसित होंगी ‘गंगा वाटिकाएं’
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंगा किनारे स्थित गांवों में गंगा वाटिकाओं की स्थापना की जाए। इन वाटिकाओं के माध्यम से हरित क्षेत्र का विस्तार होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों में स्वच्छता एवं पौधरोपण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
महावृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में आगामी महावृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि इस वर्ष अभियान के अंतर्गत मॉडल साइटों का चयन किया जाए तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा पौधरोपण के लिए विशेष स्थान चिन्हित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्थान की भौगोलिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त प्रजाति के पौधे लगाए जाएं। साथ ही सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि लगाए गए पौधों की शत-प्रतिशत जीवितता बनी रहे और उनकी नियमित देखभाल की जाए।
न्यायालयों में लंबित मामलों पर भी दिए निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी को निर्देश दिए कि पर्यावरण एवं प्रदूषण से संबंधित जनपद के सभी लंबित न्यायालयी मामलों में समय पर जवाब दाखिल किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही न हो।
अधिकारियों को वितरित किए गए सहजन के पौधे
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लगभग 100 सहजन (मोरिंगा) के पौधे वितरित किए। उन्होंने सभी अधिकारियों से पौधों का नियमित संरक्षण एवं देखभाल सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधरोपण तभी सफल माना जाएगा जब लगाए गए पौधे विकसित होकर पर्यावरण को समृद्ध करें।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) वंदना फोगाट, जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे तुषार गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार, जनपद के सभी खंड विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, वेटलैंड विकास और वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।