आरोपी दारोगा ललित मोहन
CCSU में पढ़ने वाली छात्रा ने लगाया शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, एसएसपी के निर्देश पर FIR दर्ज
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने मेडिकल थाने की तेजगढ़ी चौकी पर तैनात दरोगा ललित मोहन पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामला सामने आने के बाद मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
पुलिस ने आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी दरोगा फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही मामले से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। पुलिस अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
सहेली के जरिए हुई थी दरोगा से पहचान
पीड़िता मूल रूप से शामली जनपद की रहने वाली बताई गई है और मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही है। छात्रा के मुताबिक कुछ माह पहले उसकी शामली निवासी सहेली के माध्यम से उसकी मुलाकात दरोगा ललित मोहन से हुई थी। आरोप है कि परिचय के बाद दरोगा ने छात्रा का मोबाइल नंबर ले लिया और फोन पर बातचीत शुरू कर दी।
छात्रा के अनुसार धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई। वह जब भी किसी काम से मेरठ आती थी, इस दौरान दरोगा से उसकी मुलाकात होती थी। छात्रा का आरोप है कि बातचीत और मुलाकातों के दौरान दरोगा ने उससे शादी करने की बात कही, जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
यूनिवर्सिटी कैंपस से कार में बैठाकर ले जाने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब दो सप्ताह पहले वह डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय परिसर आई थी। इसी दौरान दरोगा उससे मिलने पहुंचा। आरोप है कि बातचीत के दौरान दरोगा ने उसे रेस्टोरेंट चलने के लिए कहा और उसे अपनी कार में बैठा लिया।
छात्रा का आरोप है कि दरोगा उसे रेस्टोरेंट ले जाने के बजाय मेडिकल क्षेत्र की एक कॉलोनी में स्थित अपने साथी दरोगा के फ्लैट पर ले गया। पीड़िता के मुताबिक वहां दरोगा ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा का कहना है कि घटना के बाद कुछ समय तक आरोपी उससे फोन पर संपर्क करता रहा, लेकिन बाद में उसने दूरी बनानी शुरू कर दी।
शादी से इनकार करने पर विवाद बढ़ा
पीड़िता के अनुसार आरोपी दरोगा ने बाद में शादी करने से इनकार कर दिया। छात्रा का आरोप है कि जब उसने इस संबंध में उससे बात की तो दरोगा का रवैया बदल गया। इसके बाद उसने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों को देने का फैसला किया।
छात्रा ने 14 अगस्त को एसएसपी अविनाश पांडेय से मामले की शिकायत की थी। एसएसपी के निर्देश पर आरोपी दरोगा के खिलाफ संबंधित थाने में दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
थाने में समझौते के दबाव का भी आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद उसे बयान दर्ज कराने के लिए थाने बुलाया गया था। छात्रा का दावा है कि इस दौरान उस पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि मामले को खत्म करने के लिए उसे अलग-अलग तरीके से समझाने का प्रयास किया गया।
बाद में छात्रा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की।
मुकदमे के बाद आरोपी के परिवार ने शादी का प्रस्ताव रखा
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी दरोगा के परिवार के लोग उसके शामली स्थित घर पहुंचे थे। परिवार की ओर से आरोपी दरोगा के साथ छात्रा की शादी कराने का प्रस्ताव रखा गया।
छात्रा ने शादी के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उसका आरोप है कि यह प्रस्ताव दुष्कर्म के मुकदमे से बचने के लिए समझौते के तौर पर रखा गया था। छात्रा का कहना है कि वह मामले में कानूनी कार्रवाई चाहती है और किसी प्रकार के दबाव में समझौता नहीं करना चाहती।
मुकदमा दर्ज होते ही छुट्टी लेकर चला गया आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी दरोगा ललित मोहन 2023 बैच का दरोगा है और मूल रूप से रायबरेली का निवासी है। वह वर्तमान में मेडिकल थाना क्षेत्र की तेजगढ़ी चौकी पर तैनात था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी दरोगा छुट्टी लेकर चला गया और इसके बाद से ड्यूटी पर वापस नहीं आया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचने की चर्चा
मामले में यह भी जानकारी सामने आई है कि आरोपी दरोगा गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा है और गिरफ्तारी पर रोक हासिल करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, इस संबंध में अदालत से किसी आदेश की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक रूप से होना बाकी है। पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
निलंबन के साथ विभागीय जांच शुरू
एसएसपी अविनाश पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी दरोगा को निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कराई गई है। पुलिस अधिकारियों ने जांच टीम को पीड़िता के बयान, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाण जुटाने के निर्देश दिए हैं।
जांच में मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि आरोपों की पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने लाई जा सके।
पीड़िता के बयान की कार्रवाई शुरू
मामले में पीड़िता के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही आरोपी दरोगा की तलाश और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जाएगी