कमला नगर मंदिर से निकली विशाल घट यात्रा और श्रीजी की रथयात्रा
पंचदिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव एवं स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ; करीब 600 इंद्र-इंद्राणियों ने की महाअर्चना
मेरठ । कमला नगर मंदिर में पंचदिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव एवं स्वर्ण जयंती समारोह का शुभारंभ विशाल घट यात्रा और श्रीजी की रथयात्रा के साथ हुआ। प्रथम दिवस निकली यात्रा मंदिर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई दिल्ली रोड स्थित जगदीश मंडप पहुंची। यात्रा में श्रद्धालु धार्मिक उत्साह के साथ शामिल हुए।
जगदीश मंडप में आयोजित कार्यक्रम का मंच उद्घाटन संदीप जैन ‘पाकी’ ने किया। शांतिधारा का सौभाग्य सौधर्म इंद्र चिन्मय जैन, भारत चक्रवर्ती पुष्कित जैन और यज्ञनायक सुदीप जैन को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में राकेश जैन, मुकेश जैन और अजन्ता परिवार ने आचार्यों को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दीप प्रज्ज्वलन सुरेश जैन ‘ऋतुराज’ ने किया, जबकि चित्र अनावरण जैन बिरादरी कमेटी की ओर से किया गया।
अहंकार के त्याग का संदेश
आचार्य श्री सौरभ सागरजी ने प्रवचन में समवशरण की महिमा बताते हुए कहा कि जब समवशरण लगता है तो कई किलोमीटर तक धरती दर्पण के समान चमकने लगती है। उन्होंने कहा कि समवशरण में व्यक्ति अपने अहंकार का तर्पण करता है। उनके संदेश ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन और विनम्रता की प्रेरणा दी।
महोत्सव के पहले दिन आयोजित महाअर्चना में करीब 600 इंद्र-इंद्राणियों ने भाग लिया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिवस को भक्तिमय बनाया।
गुरुभक्ति और महाआरती का आयोजन
शाम छह बजे गुरुभक्ति का कार्यक्रम हुआ। इसके बाद महाआरती आयोजित की गई। महाआरती का सौभाग्य आलोक जैन और स्वीटी जैन परिवार को मिला। वे बग्गी में सवार होकर मंदिर से जगदीश मंडप पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया।
भक्ति संगीत संध्या में झूमे श्रद्धालु
रात आठ बजे इंदौर के मयूर जैन ने भक्ति संगीत संध्या प्रस्तुत की। उनके मधुर जैन भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया और संगीत की धुनों पर नृत्य किया।
कार्यक्रम में वीरेंद्र, चिन्मय, उत्कर्ष, प्रतीक, ऋषभ, अभिनव, संजय कलश, प्रदीप, आलोक, अजय, विपिन, राजकुमार और संजीव जैन पेट्रोल पंप वाले सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। पंचदिवसीय वेदी प्रतिष्ठा महोत्सव एवं स्वर्ण जयंती समारोह के प्रथम दिन की गतिविधियां धार्मिक उत्साह और भक्ति के माहौल में संपन्न हुईं।