सक्षम अधिकारी को मांग पत्र सौंपते भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ता
कमिश्नरी पार्क से नारेबाजी करते हुए पहुंचे किसान; अधिकारियों ने मांगों के शीघ्र निस्तारण का दिया आश्वासन
मेरठ । किसानों की विभिन्न समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के कार्यकर्ताओं और किसानों ने शुक्रवार को मंडलायुक्त कार्यालय के एक गेट के सामने धरना दिया। किसान पहले कमिश्नरी पार्क में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने शाम तक धरना देकर अपनी मांगें प्रशासन के सामने रखीं।
धरने की अगुवाई संगठन के जिला अध्यक्ष कालू प्रधान ने की। किसानों ने गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल करने, बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने, पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने और अंश निर्धारण में हुई त्रुटियों को तत्काल ठीक कराने की मांग की। किसानों से जुड़े स्थानीय मुद्दे भी ज्ञापन में शामिल किए गए।
प्रशासन की कार्यशैली पर जताई नाराजगी
धरने के दौरान वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान न होने पर प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संगठन लगातार किसानों की मांगें प्रशासन तक पहुंचाता रहा है, लेकिन कई समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हुआ। किसानों ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
अधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर सुनीं मांगें
धरने के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और सीओ कोतवाली संग्राम सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के बीच बैठकर उनकी मांगें सुनीं और शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया। अधिकारी धरना समाप्त होने तक मौके पर मौजूद रहे।
किसानों ने अधिकारियों को मांगों और समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। आश्वासन मिलने के बाद संगठन ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन दोबारा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
धरने में संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।