उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
मेरठ । उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर मेरठ में 18 सितंबर 2026 को भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) आपदा और अग्नि सुरक्षा को लेकर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन की ओर से मॉक एक्सरसाइज के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों और एजेंसियों की तैयारियों, समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना है।
157 तहसीलों में एक साथ होगी मॉक एक्सरसाइज
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से भूकंप आपदा के प्रति संवेदनशील 24 जनपदों के जोन-4 तथा 15 जनपदों के जोन-3 एवं जोन-4 क्षेत्रों की कुल 157 तहसीलों में यह मॉक एक्सरसाइज कराई जा रही है। मेरठ जनपद में भी चयनित स्थानों पर निर्धारित परिस्थितियों के आधार पर आपदा प्रतिक्रिया का अभ्यास किया जाएगा। मॉक एक्सरसाइज के दौरान संबंधित विभागों और एजेंसियों की भूमिका को वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में परखा जाएगा।
सरधना के सेंट चार्ल्स इंटर कॉलेज में भूकंप और अग्नि सुरक्षा का अभ्यास
सरधना तहसील के सेंट चार्ल्स इंटर कॉलेज, सरधना में सुबह 10:30 बजे से 11:15 बजे तक भूकंप परिदृश्य के तहत ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसके बाद 11:15 बजे से 11:45 बजे तक अग्नि सुरक्षा से संबंधित ड्रिल होगी। विद्यालय स्तर पर आयोजित इस अभ्यास में भूकंप और आग जैसी आपात परिस्थितियों में छात्रों एवं विद्यालय स्टाफ की सुरक्षित निकासी, राहत और बचाव की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा। इस गतिविधि के लिए संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मवाना के एएस इंटर कॉलेज में भी होगा अभ्यास
मवाना तहसील के एएस इंटर कॉलेज, मवाना में भी भूकंप एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित होगी। यहां सुबह 10:30 बजे से 11:15 बजे तक भूकंप ड्रिल और 11:15 बजे से 11:45 बजे तक फायर ड्रिल प्रस्तावित है। इस अभ्यास का उद्देश्य विद्यालय परिसर में आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और त्वरित बचाव व्यवस्था को परखना है।
मेरठ कैंट के सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज में भूकंप ड्रिल
मेरठ तहसील क्षेत्र के सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज, मेरठ कैंट में सुबह 10:30 बजे से 11:15 बजे तक भूकंप परिदृश्य पर आधारित ड्रिल होगी। इसके अतिरिक्त इसी स्थान पर भूकंप की स्थिति में चिकित्सा एवं उपचार व्यवस्था की तैयारियों को भी परखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार आपदा के दौरान घायल लोगों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास मॉक एक्सरसाइज का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
20 बेड के फील्ड अस्पताल की व्यवस्था का होगा अभ्यास
सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज, मेरठ कैंट में भूकंप परिदृश्य के तहत 20 बेड के फील्ड अस्पताल की व्यवस्था का अभ्यास किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक उपचार संबंधी गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही भूकंप से प्रभावित लोगों के उपचार और आपात चिकित्सा व्यवस्था को लेकर संबंधित स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा। इस गतिविधि में मुख्य चिकित्साधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम की भूमिका रहेगी।
औद्योगिक क्षेत्र में रासायनिक आपदा की स्थिति पर होगा अभ्यास
मॉक एक्सरसाइज का एक प्रमुख हिस्सा औद्योगिक (रासायनिक) आपदा से संबंधित होगा। इसके लिए एचपीसीएल के निकट मेट्रो पावरहाउस रोड, पुठा ट्रेनिंग ग्राउंड क्षेत्र तथा संबंधित औद्योगिक इकाई को परिदृश्य में शामिल किया गया है। यहां ऑफ-साइट और ऑन-साइट रिस्पांस की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:30 बजे से औद्योगिक आपदा संबंधी गतिविधियां शुरू होंगी।
एचपीसीएल टर्मिनल पर ऑन-साइट रिस्पांस का अभ्यास
एचपीसीएल ट्रांसपोर्ट नगर, मेरठ स्थित टर्मिनल में रासायनिक खतरे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऑन-साइट रिस्पांस का अभ्यास किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12:30 बजे से 1 बजे तक संबंधित औद्योगिक इकाई के कर्मचारियों द्वारा परिसर के अंदर आपात प्रतिक्रिया प्रक्रिया का अभ्यास किया जाएगा। इसका उद्देश्य रासायनिक आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई, सुरक्षा उपायों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय की व्यवस्था को परखना है।
हॉट वॉश और डिब्रीफिंग भी होगी
मॉक एक्सरसाइज के अंतिम चरण में संबंधित स्थानों पर हॉट वॉश की प्रक्रिया तथा घटना के बाद समीक्षा की जाएगी। दोपहर के बाद सभी संबंधित तहसीलों में इंसीडेंट कमांडर, पर्यवेक्षकों और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में गतिविधियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद डिब्रीफिंग के माध्यम से अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों, चुनौतियों और सुधार की आवश्यकता वाले बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के आधार पर होगा संचालन
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार मॉक एक्सरसाइज का संचालन इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (IRS) के आधार पर किया जाएगा। इसके तहत आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और उनके बीच समन्वय की व्यवस्था को सक्रिय किया जाएगा। राजस्व अनुभाग-11, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर गठित जिला स्तरीय इंसीडेंट रिस्पांस टीम (IRT) को भी इस अभ्यास के दौरान सक्रिय किया जाएगा।
एनआईसी कलेक्ट्रेट में सुबह 9:50 बजे होगी महत्वपूर्ण बैठक
मॉक एक्सरसाइज के तहत आईआरएस से संबंधित गतिविधियों और आईआरटी एक्टिवेशन की प्रक्रिया के लिए 18 सितंबर को सुबह 9:50 बजे एनआईसी कलेक्ट्रेट, मेरठ में संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर निगम, परिवहन, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, होमगार्ड, संचार तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को इसमें प्रतिभाग करने के लिए कहा गया है।
विभिन्न विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारियां
जिला प्रशासन की ओर से पुलिस अधीक्षक नगर/देहात/ट्रैफिक, नगर निगम के अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला कमांडेंट होमगार्ड्स, रेडियो निरीक्षक, पुलिस वायरलेस तथा जिला आपदा विशेषज्ञ सहित संबंधित विभागों को मॉक एक्सरसाइज में आवश्यक सहयोग एवं सहभागिता के निर्देश दिए गए हैं। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को एनआईसी कलेक्ट्रेट में प्रस्तावित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आपदा के समय त्वरित समन्वय पर रहेगा जोर
मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से भूकंप, आग और औद्योगिक रासायनिक हादसे जैसी परिस्थितियों में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, विद्युत, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को परखा जाएगा। अभ्यास के दौरान राहत एवं बचाव कार्य, सुरक्षित निकासी, चिकित्सा सहायता, संचार व्यवस्था और घटना स्थल पर संसाधनों की तैनाती जैसी प्रक्रियाओं का परीक्षण किया जाएगा।
जिला प्रशासन का उद्देश्य इस अभ्यास के माध्यम से संभावित आपदा की स्थिति में विभागीय तैयारियों को मजबूत करना और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।