नमो भारत कॉरिडोर में यात्री सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करते केंद्रीय मंत्री अजय टमटा
नई दिल्ली/मेरठ। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा ने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का दौरा कर आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था, यात्री सुविधाओं, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और अत्याधुनिक तकनीकों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नमो भारत कॉरिडोर में यात्रियों की सुविधा और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए किए गए विभिन्न प्रबंधों की जानकारी ली।
सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से शुरू हुआ दौरा
राज्य मंत्री का दौरा सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से शुरू हुआ। यहां एनसीआरटीसी के डायरेक्टर (वर्क्स) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उनका स्वागत किया। अधिकारियों ने उन्हें लगभग 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की प्रमुख विशेषताओं, आधुनिक तकनीक, स्टेशन सुविधाओं, टिकटिंग के विभिन्न माध्यमों तथा इंटरऑपरेबिलिटी मॉडल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि सराय काले खां स्टेशन को क्षेत्र के अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के साथ बेहतर तरीके से जोड़ा जा रहा है, जिससे यात्रियों को एक परिवहन माध्यम से दूसरे माध्यम तक पहुंचने में सुविधा हो। इस दौरान हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन को नमो भारत स्टेशन से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज के बारे में भी जानकारी दी गई। यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए इस फुट ओवरब्रिज पर ट्रैवलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
नमो भारत ट्रेन में सराय काले खां से मुरादनगर तक किया सफर
श्री अजय टम्टा ने भारत की पहली नमो भारत ट्रेन में सराय काले खां से मुरादनगर तक यात्रा की। यात्रा के दौरान एनसीआरटीसी अधिकारियों ने उन्हें कॉरिडोर की उपयोगिता और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था में इसके योगदान की जानकारी दी।
अधिकारियों के अनुसार नमो भारत कॉरिडोर क्षेत्रीय स्तर पर आवागमन से जुड़ी चुनौतियों को कम करने, यातायात दबाव और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को घटाने तथा लोगों को टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
यात्रियों से संवाद कर जानी सुविधाओं की स्थिति
यात्रा के दौरान राज्य मंत्री ने नमो भारत ट्रेन में यात्रियों के लिए उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं का अनुभव लिया और यात्रियों से बातचीत भी की। बातचीत में कॉलेज के छात्र भी शामिल रहे। छात्रों ने बताया कि नमो भारत ट्रेन के संचालन से उनका रोजाना का सफर अधिक सुविधाजनक और तेज हुआ है तथा यात्रा के समय में भी काफी बचत हो रही है।
यात्रियों ने भविष्य में नमो भारत नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी रुचि दिखाई। इस दौरान श्री टम्टा ने मौजूदा नमो भारत कॉरिडोर को उत्तराखंड के ऋषिकेश तक विस्तार देने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी ली।
दुहाई डिपो का किया निरीक्षण, पौधारोपण भी किया
राज्य मंत्री ने गाजियाबाद के दुहाई स्थित एनसीआरटीसी डिपो का भी दौरा किया। यहां उन्होंने नमो भारत ट्रेनों के रखरखाव और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा पौधारोपण भी किया।
अधिकारियों ने उन्हें डिपो में उपलब्ध मेंटेनेंस सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। इसी परिसर में नमो भारत ट्रेनों का रखरखाव, निरीक्षण, परीक्षण और आवश्यक तकनीकी मेंटेनेंस किया जाता है। अधिकारियों ने कॉरिडोर के सुरक्षित और भरोसेमंद संचालन को सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न प्रणालियों और प्रक्रियाओं से भी उन्हें अवगत कराया।
ट्रेन ड्राइविंग सिम्युलेटर और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन
श्री टम्टा ने ट्रेन ड्राइविंग सिम्युलेटर का भी दौरा किया। यहां उन्हें सिमुलेशन आधारित आधुनिक ट्रेनिंग सुविधाओं का प्रदर्शन किया गया। इस तकनीक के माध्यम से ट्रेन संचालन से जुड़े प्रशिक्षण को अधिक सुरक्षित और व्यावहारिक तरीके से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसके बाद उन्होंने एनसीआरटीसी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ‘अपरिमित’ का दौरा किया। यहां उन्होंने ऑगमेंटेड रियलिटी (AR), वर्चुअल रियलिटी (VR) और सिम्युलेटर जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल देखा।
AR और VR तकनीक से नमो भारत स्टेशन का वर्चुअल वॉकथ्रू
‘अपरिमित’ सेंटर में राज्य मंत्री को नमो भारत स्टेशन का वर्चुअल वॉकथ्रू भी दिखाया गया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि आधुनिक डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल प्रशिक्षण, परिचालन दक्षता तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़े कार्यों में किया जा रहा है।
इस दौरान उन्होंने विभिन्न एडवांस्ड डिजिटल तकनीकों की कार्यप्रणाली और उनके संभावित उपयोगों के बारे में भी जानकारी ली। आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रशिक्षण और परिचालन प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों का भी उन्होंने अवलोकन किया।
यात्रियों की सुविधा और समावेशी परिवहन व्यवस्था की सराहना
अपने दौरे के दौरान श्री अजय टम्टा ने यात्रियों की सुविधा, बेहतर पहुंच और समावेशी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए एनसीआरटीसी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने नमो भारत सिस्टम में यात्रियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि नमो भारत सिस्टम प्रतिदिन एक लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह परिवहन व्यवस्था केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच तेज एवं सुविधाजनक आवागमन को बढ़ावा देकर क्षेत्रीय विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच तेज कनेक्टिविटी
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में सामने आया है। कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा को अधिक तेज, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन विकल्प से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के माध्यम से नमो भारत को रेलवे और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि यात्रियों को यात्रा के विभिन्न चरणों में बेहतर इंटरचेंज सुविधा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने 22 फरवरी 2026 को पूरा कॉरिडोर राष्ट्र को किया समर्पित
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का पूरा हिस्सा 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके साथ दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को एकीकृत स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा।
पूरा कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच लोगों की तेज एवं सुविधाजनक आवाजाही में योगदान दे रहा है। नमो भारत प्रणाली को आधुनिक तकनीक, यात्री सुविधाओं और मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन के माध्यम से क्षेत्र की बढ़ती परिवहन जरूरतों के अनुरूप विकसित किया गया है।