शैंकी वर्मा (महानगर अध्यक्ष, मेरठ व्यापार मंडल)
मेरठ। मेरठ जनपद में हाल के दिनों में सामने आए पुलिस बर्बरता के कथित घटनाक्रमों को लेकर मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के मन में पुलिस और खाकी वर्दी के प्रति विश्वास को गहरा आघात पहुंचाया है। उनके मुताबिक मौजूदा परिस्थितियों में लोगों के मन में पुलिस को लेकर भय का माहौल पैदा होना गंभीर चिंता का विषय है।
‘पुलिस से डर लगने लगा है’
शैंकी वर्मा ने कहा कि स्थिति ऐसी बन गई है कि लोगों को मेरठ पुलिस से डर लगने लगा है। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि लोगों के मन में यह भय बैठ गया है कि कहीं किसी व्यक्ति या नेता को ‘चाय पिलाने’ के बहाने बुलाकर किसी बंद कमरे में ले जाया जाए और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट अथवा अमानवीय व्यवहार न किया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक और कानून के शासन वाले समाज में नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति इस प्रकार का भय पैदा होना बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुलिस का विरोध नहीं, व्यवस्था में विश्वास बहाली उद्देश्य
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य पुलिस का विरोध करना नहीं है, बल्कि पुलिस व्यवस्था में जनता के विश्वास को बहाल करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून की रक्षा करने वाली संस्था है और आम नागरिक सुरक्षा तथा न्याय के लिए पुलिस पर भरोसा करता है।
उन्होंने कहा कि यदि कानून के रक्षक ही जनता के बीच भय का कारण बन जाएं तो आम नागरिक न्याय और सुरक्षा के लिए किसके पास जाएगा। इसलिए पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही, निष्पक्षता और संवेदनशीलता को मजबूत किया जाना आवश्यक है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग
शैंकी वर्मा ने हालिया घटनाक्रमों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से निष्पक्ष, स्वतंत्र और प्रभावी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि जांच में किसी पुलिसकर्मी की भूमिका या दोष सामने आता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल दोष तय करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।
नए एसएसपी से उम्मीदें
मेरठ जनपद में नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में आए अधिकारी को लेकर शैंकी वर्मा ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में पुलिस व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब सभी की निगाहें नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल और उनकी कार्यप्रणाली पर हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नए नेतृत्व में मेरठ पुलिस निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ काम करेगी तथा पुलिस और जनता के बीच प्रभावित हुए विश्वास को दोबारा कायम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।
‘डर नहीं, सुरक्षा और विश्वास की पहचान बने खाकी’
शैंकी वर्मा ने कहा कि मेरठ की पुलिस व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें आम नागरिक बिना भय के अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद तथा विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए जरूरी है।
उन्होंने कहा कि उनकी अपेक्षा है कि मेरठ की खाकी दोबारा डर की नहीं, बल्कि सुरक्षा, न्याय और विश्वास की पहचान बने। इसके लिए पुलिस अधिकारियों और आम नागरिकों के बीच संवाद, पारदर्शिता तथा जवाबदेही को मजबूत किया जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि पुलिस और जनता एक-दूसरे पर विश्वास के साथ काम करें तो कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है तथा नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।