जीओसी मेजर जनरल सुमित राणा को पलाश का पौधा भेंट करते डॉ॰ सुमित उपाध्याय
मेरठ। उत्तर प्रदेश के राजकीय पुष्प पलाश (ढाक/टेसू) के संरक्षण और संवर्धन के साथ लोगों को इसके प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराने की दिशा में हरितिमा पर्यावरण संस्थान (NGO of Doctors) ने पहल की है। संस्था ने मेरठ के माल रोड पर पलाश के पौधों का पंक्तिबद्ध एवन्यू प्लांटेशन कराने का प्रस्ताव रखा है, जिससे आने वाले वर्षों में यह मार्ग पलाश के आकर्षक फूलों से सुसज्जित दिखाई दे सके।
जीओसी मेजर जनरल सुमित राणा को भेंट किया पलाश का पौधा
हरितिमा पर्यावरण संस्थान की ओर से डॉ. सुमित उपाध्याय, डॉ. तरुण गोयल और निकुंज गर्ग ने जीओसी सब एरिया, मेरठ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल सुमित राणा से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें पलाश का पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तावित अभियान की जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने माल रोड पर पलाश के पौधों का पंक्तिबद्ध रोपण कराने के साथ पौधों के नियमित संरक्षण और संवर्धन की व्यवस्था किए जाने के संबंध में प्रार्थना-पत्र भी सौंपा।
वसंत में नारंगी फूलों से माल रोड को आकर्षक बनाने की परिकल्पना
संस्था की परिकल्पना है कि माल रोड के किनारे योजनाबद्ध तरीके से पलाश के पौधे लगाए जाएं और उनकी नियमित देखभाल की जाए। पौधों के विकसित होने पर वसंत ऋतु में खिलने वाले टेसू के आकर्षक नारंगी फूल माल रोड की प्राकृतिक सुंदरता को और बढ़ा सकते हैं। इससे यहां से गुजरने वाले लोगों को उत्तर प्रदेश के राजकीय पुष्प के सौंदर्य को करीब से देखने और उसके महत्व को जानने का अवसर भी मिलेगा।
संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि केवल पौधरोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से एवन्यू प्लांटेशन के साथ पौधों के दीर्घकालीन संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।
जैव-विविधता और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण का प्रयास
हरितिमा पर्यावरण संस्थान के अनुसार, माल रोड पर पलाश का एवन्यू प्लांटेशन प्राकृतिक विरासत के संरक्षण, जैव-विविधता के संवर्धन और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में उपयोगी पहल हो सकती है। पलाश के पौधों की कतार विकसित होने से क्षेत्र में हरियाली बढ़ने के साथ राजकीय पुष्प की पहचान को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
संस्था का मानना है कि शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थानीय एवं सांस्कृतिक महत्व वाले पौधों को प्राथमिकता देने से नई पीढ़ी भी अपनी प्राकृतिक विरासत के प्रति जागरूक होगी। माल रोड पर प्रस्तावित यह पहल सफल होने पर पर्यावरण संरक्षण और शहर के प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाने का एक उदाहरण बन सकती है।