हरिद्वार के चिंतन शिविर में विचार विमर्श करते भाकियू कार्यकर्ता
मेरठ/हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के चार दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का शुभारंभ धर्मनगरी हरिद्वार में हो गया है। शिविर में देशभर से किसान प्रतिनिधि और संगठन पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। वहीं मेरठ जनपद से भी बड़ी संख्या में किसान कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। भाकियू मेरठ के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में हजारों किसान इस चिंतन शिविर में शामिल हो रहे हैं।
शिविर के दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं, कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तृत मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर आगे की कार्य योजना तैयार की जाएगी।
मेरठ इकाई ने बनाया कैंप कार्यालय, लंगर भंडारे की व्यवस्था
भाकियू मेरठ के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी द्वारा हरिद्वार स्थित लाल कोठी में मेरठ इकाई का कैंप कार्यालय स्थापित किया गया है। यहां मेरठ और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे किसानों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। किसानों के लिए विशेष रूप से लंगर भंडारे का आयोजन किया गया है, जहां लगातार भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि चिंतन शिविर में शामिल होने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
किसानों की समस्याओं पर होगा व्यापक मंथन
भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने बताया कि चार दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आगामी दिनों में मेरठ कमिश्नरी पर किसानों की समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि किसानों के सामने वर्तमान समय में कई गंभीर समस्याएं हैं, जिनमें स्मार्ट मीटर लगाए जाने का मुद्दा, किनौनी चीनी मिल का भुगतान, चीनी आपूर्ति, ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर विद्युत तार, खाद की उपलब्धता तथा सहकारी समितियों में ब्याज और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें प्रमुख हैं। इन सभी मुद्दों को राष्ट्रीय चिंतन शिविर में प्रमुखता से उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
आंदोलन की रणनीति पर भी होगी चर्चा
भाकियू पदाधिकारियों के अनुसार चिंतन शिविर केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस रणनीति भी तैयार की जाएगी। संगठन का मानना है कि यदि किसानों की मांगों का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जा सकता है।
मेरठ मंडल के किसानों में भी इस शिविर को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में किसान हरिद्वार पहुंचकर संगठन की गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर भाकियू मेरठ के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के अलावा राजपाल, नरेश मवाना, मेजर सुरेंद्र, अनूप यादव, ऋषिपाल, सत्येंद्र, सुनील, आशीष, डीके, जोनी, रामफल शर्मा, पप्पन जाटव, जज सिंह, बंटी सरदार सहित बड़ी संख्या में किसान नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भाकियू नेताओं का कहना है कि चिंतन शिविर से निकले निष्कर्ष और निर्णय आगामी किसान आंदोलनों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर संगठन एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए तैयार है।