एनजीटी के आदेश पर चला पीला पंजा
सरधना। तहसील क्षेत्र के गांव दादरी में गुरुवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने जोहड़ की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से अवैध रूप से निर्मित मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई। समाचार लिखे जाने तक दो अवैध मकानों को ध्वस्त किया जा चुका था, जबकि अन्य चिन्हित निर्माणों पर कार्रवाई लगातार जारी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के एक निवासी द्वारा 3 मई 2026 को जोहड़ की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराई गई, जिसमें जोहड़ की भूमि पर अवैध निर्माण की पुष्टि हुई। जांच के बाद कुल 21 मकानों को अवैध निर्माण की श्रेणी में चिन्हित किया गया और उनके विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
इसी क्रम में गुरुवार को प्रशासन ने एनजीटी के निर्देशों के तहत अवैध निर्माणों को हटाने के लिए अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान भारी मशीनों की मदद से जोहड़ की भूमि पर बने मकानों को ध्वस्त किया गया। प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक जल स्रोतों और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सरधना एसडीएम उदित नारायण सेंगर स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दौराला पुलिस सहित पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सतर्क निगरानी में कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि जोहड़, तालाब, नालों और अन्य सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए शासन और न्यायिक संस्थाओं के निर्देशों के अनुरूप अभियान लगातार जारी रहेगा। पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र रहे। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और सरकारी कार्य में सहयोग करने की अपील की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चिन्हित सभी अवैध निर्माणों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई पूरी की जाएगी।
गांव दादरी में चल रही इस कार्रवाई को क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि और जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी ताकि पर्यावरणीय संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।