आवारा गौवंश को कान्हा गौशाला भेजते हिन्दू युवा गोरक्षक सेवा समिति के पदाधिकारी
हिन्दू युवा गौ रक्षक सेवा समिति सदर मेरठ ने चलाया अभियान, डेयरी संचालकों पर गौवंश को सड़कों पर छोड़ने का लगाया आरोप
मेरठ। हिन्दू युवा गौ रक्षक सेवा समिति सदर मेरठ की ओर से सोमवार, 7 सितंबर 2026 को कैंट क्षेत्र में आवारा घूम रहे गौवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाया गया। समिति के सदस्यों के अनुसार अभियान के दौरान सड़क पर घूम रहे गौवंश को पकड़कर कान्हा उपवन गौशाला भेजा गया। अभियान के दौरान कुल 12 गौवंश को गौशाला भिजवाने का दावा किया गया है।
सड़कों पर गौवंश की मौजूदगी से यातायात प्रभावित होने का दावा
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि कैंट क्षेत्र में बड़ी संख्या में गौवंश सड़कों पर घूमता रहता है। उनके अनुसार क्षेत्र में करीब 700 से 800 गौवंश सड़कों पर आवारा स्थिति में दिखाई देते हैं, जिसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। गौ रक्षक सेवा समिति का दावा है कि आए दिन कई गौवंश हादसों की चपेट में आ जाते हैं। समिति के अनुसार घायल अथवा मृत गौवंश की देखभाल और अंतिम संस्कार जैसे कार्यों में भी गौ सेवकों को आगे आना पड़ता है।
घरों के बाहर गोबर से स्थानीय लोगों को परेशानी
समिति के सदस्यों ने यह भी दावा किया कि सड़कों और गलियों में गौवंश के घूमने के कारण कई स्थानों पर गोबर जमा हो जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। समिति ने इस समस्या के समाधान के लिए गौवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डेयरी संचालकों पर लगाए गंभीर आरोप
गौ रक्षक सेवा समिति ने क्षेत्र में संचालित डेयरियों को लेकर भी आरोप लगाए हैं। समिति के अनुसार कैंट क्षेत्र में करीब 35 डेयरी संचालक हैं और आरोप है कि कुछ डेयरी संचालक गौवंश का दूध निकालने के बाद उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं। समिति का कहना है कि घायल या बीमार होने की स्थिति में संबंधित गौवंश की जिम्मेदारी लेने से कथित तौर पर इनकार किया जाता है, जिसके बाद गौ सेवकों द्वारा उनकी देखभाल और उपचार का प्रयास किया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित डेयरी संचालकों का पक्ष सामने आना बाकी है।
रजबन क्षेत्र में अभियान के दौरान हंगामे का आरोप
समिति के अनुसार गौवंश को पकड़ने के दौरान रजबन क्षेत्र में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। समिति ने आरोप लगाया कि आदित उर्फ नितिन यादव और भोला यादव, जिन्हें समिति ने डेयरी संचालक बताया है, ने महिलाओं को कथित रूप से भड़काकर सरकारी कैटल कैचर को घेर लिया और हंगामा किया। समिति का आरोप है कि मौके पर मौजूद महिलाओं ने गौ रक्षकों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस संबंध में समिति की ओर से सदर थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी दी गई है।
12 गौवंश कान्हा उपवन गौशाला भेजे गए
अभियान के दौरान समिति के सदस्यों ने सड़क पर घूम रहे गौवंश को पकड़कर उन्हें सुरक्षित रूप से गौशाला पहुंचाने की कार्रवाई की। समिति के अनुसार इस दौरान कुल 12 गौवंश को कान्हा उपवन गौशाला भेजा गया। समिति का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सड़क पर आवारा घूमने वाले गौवंश को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना और यातायात व्यवस्था तथा स्थानीय लोगों को होने वाली परेशानियों को कम करना है।
अभियान में ये गौ सेवक रहे मौजूद
अभियान में योगेश ठाकुर नंबरदार, तनुज पंडित, आशुतोष मराठा, अभिषेक मित्तल, अनमोल वालिया, शिवम रॉय और प्रिंस सोनकर सहित अन्य गौ सेवक मौजूद रहे। समिति की ओर से भविष्य में भी क्षेत्र में आवारा गौवंश को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए अभियान जारी रखने की बात कही गई है। वहीं, रजबन क्षेत्र में हुए विवाद को लेकर दी गई तहरीर पर पुलिस की जांच और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।