हाइट गेज गिरने पर कार का कांच हुआ क्षतिग्रस्त
मेरठ। छावनी क्षेत्र के माल रोड पर सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब कैंट बोर्ड के कूड़ा ढोने वाले डंपर की टक्कर से सड़क पर लगा हाइट गेज उखड़ कर एक चलती कार पर जा गिरा। कार में सवार अधिवक्ता देवेश चंद्रवंशी और उनके बेटे-बेटी बाल-बाल बच गए, हालांकि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में लेकर वाहन को कब्जे में ले लिया है। वहीं, इस घटना के बाद छावनी क्षेत्र में लगे हाइट गेज की गुणवत्ता और मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अधिवक्ता परिवार के साथ जा रहे थे कचहरी
जानकारी के अनुसार पल्लवपुरम थाना क्षेत्र स्थित यूरोपियन स्टेट निवासी अधिवक्ता देवेश चंद्रवंशी सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अपने बेटे और बेटी के साथ कचहरी जा रहे थे। उनके दोनों बच्चे भी वकालत पेशे से जुड़े हुए हैं और पिता के साथ प्रैक्टिस करते हैं।
जब उनकी कार माल रोड स्थित रक्षा लेखा नियंत्रक (सी डी ए) कार्यालय के समीप पहुंची, तभी सामने से आ रहे कैंट बोर्ड के कूड़ा ढोने वाले डंपर ने सड़क पर लगे हाइट गेज में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि हाइट गेज अपनी जगह से उखड़ गया और सीधे अधिवक्ता की कार पर आ गिरा।
कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त, तीनों सुरक्षित
हाइट गेज गिरने से कार का अगला हिस्सा और शीशे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा बेहद भयावह था और कुछ सेकंड की देरी भी किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती थी। सौभाग्य से कार में सवार अधिवक्ता और उनके दोनों बच्चे सुरक्षित बच गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने डंपर चालक राहुल निवासी तोपखाना को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
हाइट गेज के मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल हाइट गेज की मजबूती और गुणवत्ता को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि हाइट गेज निर्धारित मानकों के अनुरूप स्थापित किया गया होता तो एक सामान्य टक्कर में वह इस तरह उखड़ कर नहीं गिरता।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर की टक्कर के बाद हाइट गेज हवा में उछलता हुआ कार पर जा गिरा। लोगों का कहना है कि यदि उस समय माल रोड पर यातायात अधिक होता तो यह घटना किसी बड़े हादसे में बदल सकती थी।
अधिवक्ता ने कैंट बोर्ड अधिकारियों पर लगाया दबाव बनाने का आरोप
अधिवक्ता देवेश चंद्रवंशी ने आरोप लगाया है कि कैंट बोर्ड के सफाई निरीक्षक अभिषेक कुमार और इंजीनियर पीयूष गौतम उन पर समझौता करने का दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी कार का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यदि हाइट गेज मानकों के अनुरूप नहीं लगाया गया था तो इसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अधिवक्ता का कहना है कि वह इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
लालकुर्ती थाना प्रभारी हरेंद्र जादौन ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डंपर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है तथा क्षतिग्रस्त कार और डंपर को कब्जे में लिया गया है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
कैंट बोर्ड ने हटवाया हाइट गेज
हादसे के बाद कैंट बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से टूटे हुए हाइट गेज को सड़क से हटवाया गया। इसके बाद यातायात को सामान्य कराया गया।
घटना के चलते कुछ समय के लिए माल रोड पर आवागमन प्रभावित रहा, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
एसपी सिटी बोले- होगी जांच
एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही कैंट बोर्ड द्वारा हाइट गेज के मानकों की भी जांच कराई जाएगी।
इंजीनियर ने कहा- डंपर की रफ्तार थी तेज
कैंट बोर्ड के इंजीनियर पीयूष गौतम का कहना है कि हाइट गेज निर्धारित मानकों के अनुरूप लगाया गया था। उनके अनुसार डंपर की रफ्तार अधिक होने के कारण टक्कर का प्रभाव ज्यादा पड़ा और हाइट गेज क्षतिग्रस्त हो गया।
हालांकि स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि रफ्तार ही मुख्य कारण थी तो कैंट बोर्ड ने चालक के खिलाफ स्वयं कार्रवाई क्यों नहीं की।
बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?
इस घटना ने छावनी क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। एक ओर डंपर चालक की लापरवाही सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर हाइट गेज की मजबूती और निर्माण मानकों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन स्थानीय नागरिकों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह तय किया जाए कि आखिर इस हादसे के लिए वास्तविक जिम्मेदार कौन है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके