चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में होने वाले दीक्षांत समारोह की जानकारी देती प्राचार्य प्रोफेसर डॉ संगीता शुक्ला
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ का 38वां दीक्षांत समारोह 22 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल समारोह की अध्यक्षता करेंगी, जबकि इंटरनेशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स (आईसीआरआईसैट), हैदराबाद के महानिदेशक एवं प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. हिमांशु पाठक मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत भाषण देंगे। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
92 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगी उपाधि
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस वर्ष कुल 92,332 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 43,176 छात्र (46.76 प्रतिशत) तथा 49,156 छात्राएं (53.24 प्रतिशत) शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ष भी छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है, जो उच्च शिक्षा में उनकी बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
199 मेधावियों को मिलेगा स्वर्ण पदक और पुरस्कार
दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कुल 199 स्वर्ण पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें—
- 1 कुलाधिपति स्वर्ण पदक
- 1 पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक
- 2 चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार
- 62 प्रायोजित स्वर्ण पदक
- 133 कुलपति स्वर्ण पदक
शामिल हैं।
स्वर्ण पदकों में भी छात्राओं का दबदबा
इस वर्ष भी छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 133 कुलपति स्वर्ण पदकों में से 95 छात्राओं और 38 छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं 62 प्रायोजित स्वर्ण पदकों में 49 छात्राओं तथा 13 छात्रों को स्वर्ण पदक मिलेगा। इसके अलावा कुलाधिपति स्वर्ण पदक, डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक और चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार भी छात्राओं को प्रदान किए जाएंगे।
‘दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण नहीं, विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव’
रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्रदान करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन, समर्पण और सफलता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की उपलब्धि उसके परिवार, समाज और विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय होती है तथा यह आयोजन पूरे विश्वविद्यालय परिवार में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण का संचार करता है।
मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु पाठक का अनुभव विद्यार्थियों के लिए होगा प्रेरणादायी
कुलपति ने बताया कि मुख्य अतिथि डॉ. हिमांशु पाठक देश के अग्रणी कृषि वैज्ञानिकों में गिने जाते हैं। वे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्व महानिदेशक तथा भारत सरकार के कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के पूर्व सचिव रह चुके हैं। उनका अनुभव विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी रहेगा। विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे कृषि प्रधान क्षेत्र को उनके विचारों से नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
महिला स्वास्थ्य और एचपीवी टीकाकरण पर विश्वविद्यालय का विशेष फोकस
प्रो. संगीता शुक्ला ने बताया कि राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से विश्वविद्यालय छात्राओं के स्वास्थ्य और जागरूकता के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। वर्ष 2025-26 के दौरान आयोजित एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 452 छात्राओं को दोनों डोज लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए विशेष शिविर आयोजित कर स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से बढ़ा शैक्षणिक सहयोग
विश्वविद्यालय ने हाल के समय में कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों से शोध, नवाचार, तकनीकी सहयोग और शैक्षणिक आदान-प्रदान को नई गति मिलेगी। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर स्थित विद्यालय में जनसहयोग एवं कॉर्पस फंड के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त कक्षों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
इंडस्ट्री–एकेडेमिया मॉडल बना रोजगार का नया माध्यम
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय की इंडस्ट्री–एकेडेमिया पहल के तहत परिसर में अब बैडमिंटन रैकेट का निर्माण शुरू हो चुका है। जल्द ही शटल कॉक निर्माण इकाई भी प्रारंभ की जाएगी। इस परियोजना से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, महिला कर्मचारियों और छात्राओं को जोड़ा गया है। इसके लिए क्रेडिट आधारित कौशल विकास पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण के साथ रोजगार और शैक्षणिक क्रेडिट दोनों का लाभ मिलेगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा विश्वविद्यालय
प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने सभी उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि 38वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास में एक यादगार आयोजन सिद्ध होगा।
प्रेस वार्ता में रहे उपस्थित
प्रेस वार्ता में कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, निदेशक रैंकिंग प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. मुकेश कुमार शर्मा, डिप्टी रजिस्ट्रार सत्य प्रकाश, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता, प्रवीण पवार सहित विश्वविद्यालय के अनेक अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।