चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कि कुलपति डॉ संगीता शुक्ला को पोलैंड में किया गया सम्मान
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ की अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहचान लगातार मजबूत होती जा रही है। पोलैंड के शैक्षणिक दौरे पर गए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने पोलैंड के प्रतिष्ठित Poznań University of Life Sciences (PULS) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत और पोलैंड के बीच पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार तथा शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देने का आह्वान किया।
‘सतत विकास के लिए भारत-पोलैंड सहयोग’ विषय पर दिया मुख्य व्याख्यान
पोजनान यूनिवर्सिटी ऑफ लाइफ साइंसेज के सीनेट हॉल (कोलेजियम मैक्सिमम) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रो. संगीता शुक्ला ने “Building Indo-Polish Collaborations for Sustainable Environment” विषय पर मुख्य व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के बायोक्लाइमेटोलॉजी विभाग द्वारा PREIDUB कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता के क्षरण, जल संकट और असंतुलित विकास जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। इन समस्याओं का समाधान किसी एक देश के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध आधारित और परिणामोन्मुख सहयोग की आवश्यकता है।
भारत और पोलैंड मिलकर बन सकते हैं वैश्विक मॉडल
प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि भारत और पोलैंड भले ही भौगोलिक रूप से अलग हों, लेकिन दोनों देशों की पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता समान है। दोनों देशों की मजबूत कृषि परंपरा, उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता और वैज्ञानिक क्षमता विश्व को टिकाऊ विकास का नया मॉडल प्रदान कर सकती है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति की मूल अवधारणा “वसुधैव कुटुम्बकम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सदैव प्रकृति और मानवता के बीच संतुलन का समर्थक रहा है। उन्होंने भारत की नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन मोबिलिटी, सर्कुलर इकोनॉमी, नदी पुनर्जीवन और वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को देश की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
संयुक्त शोध और छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान पर दिया जोर
कुलपति ने पोलैंड द्वारा पर्यावरणीय प्रौद्योगिकी, सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के विश्वविद्यालय संयुक्त शोध परियोजनाओं, फैकल्टी एक्सचेंज, छात्र-शिक्षक आदान-प्रदान और नवाचार कार्यक्रमों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने वाले संस्थान नहीं हैं, बल्कि नए विचारों की प्रयोगशालाएं और सामाजिक परिवर्तन के केंद्र भी हैं। यदि विश्व के विश्वविद्यालय मिलकर कार्य करें तो मानवता के सामने मौजूद अनेक चुनौतियों का समाधान निकाला जा सकता है।
सीसीएसयू की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मिलेगा नया विस्तार
प्रो. शुक्ला ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय लगातार अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग का दायरा बढ़ा रहा है। विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी के माध्यम से शोध, नवाचार, छात्र गतिशीलता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है।
उन्होंने अपने व्याख्यान का समापन करते हुए विश्वास जताया कि भारत और पोलैंड के बीच यह सहयोग केवल औपचारिक समझौतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विचारों, नवाचारों और मानवीय मूल्यों की जीवंत साझेदारी बनकर वैश्विक सतत विकास की नई मिसाल स्थापित करेगा।
वरिष्ठ शिक्षाविदों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक
पोलैंड प्रवास के दौरान सीसीएसयू प्रतिनिधिमंडल ने Poznań University of Life Sciences के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक भी की। बैठक में विश्वविद्यालय की ओर से डीन प्रो. डेनियल लिपिंस्की, वाइस डीन प्रो. मैचेय कुलिगोव्स्की, वाइस डीन प्रो. राफाल स्टासिक, प्रो. कैरोलिना पावलाक सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद उपस्थित रहे।
बैठक में संयुक्त अनुसंधान, छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, पर्यावरण एवं कृषि विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग और भविष्य की शैक्षणिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
Erasmus Mundus और NAWA फेलोशिप के लिए शुरू की आवेदन प्रक्रिया
विश्वविद्यालय प्रतिनिधिमंडल ने पोलैंड प्रवास के दौरान यूरोपीय संघ के प्रतिष्ठित Erasmus Mundus कार्यक्रम के अंतर्गत शैक्षणिक सहयोग एवं फेलोशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू की। इसके साथ ही Polish National Agency for Academic Exchange (NAWA) की फेलोशिप योजनाओं के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किए गए।
यदि इन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप कार्यक्रमों में विश्वविद्यालय का चयन होता है, तो सीसीएसयू को अत्याधुनिक शोध प्रयोगशालाओं, आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, छात्र एवं शिक्षक विनिमय कार्यक्रमों तथा वैश्विक स्तर पर ज्ञान और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय शोध क्षमता और वैश्विक शैक्षणिक प्रतिष्ठा को भी उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं ये सदस्य
पोलैंड के इस शैक्षणिक दौरे में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के साथ शोध निदेशक प्रो. बीरपाल सिंह तथा प्रो. जितेंद्र सिंह भी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बैठकों और समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
सम्मेलन में विभिन्न देशों के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के व्याख्यान को प्रतिभागियों ने सराहा और भारत की पर्यावरणीय सोच तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की वैश्विक शैक्षणिक पहलों की विशेष प्रशंसा की।