मेरठ के जिला सहकारी बैंक में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते विमल कुमार शर्मा
मेरठ। सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत शुक्रवार को इफको मेरठ की ओर से जिला सहकारी बैंक, मेरठ के सभागार में सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और समिति सचिवों को सहकारी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, किसानों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सहकारिता की शपथ लेकर की गई। इसके बाद मुख्य अतिथि मेरठ मंडल के संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता विकास नेहरा ने सहकारी समितियों के सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान हितों को ध्यान में रखते हुए कृषक पंजिका को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने समितियों को समय के अनुरूप आधुनिक तकनीक अपनाने, व्यवसाय में विविधीकरण करने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार कार्य प्रणाली विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला सहकारी बैंक मेरठ के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से कृषि को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और कम लागत में लाभकारी खेती को बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने तथा वैकल्पिक नैनो उर्वरकों के अधिकाधिक उपयोग की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि नैनो उर्वरकों के प्रयोग से फसल उत्पादन और गुणवत्ता में वृद्धि होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकता है।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अमित कुमार त्यागी ने समिति सचिवों को निर्देश दिए कि प्रत्येक सहकारी समिति में कम से कम 25 टन यूरिया और 15 टन डीएपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखा जाए, ताकि किसानों को खाद की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी समितियां नियमित रूप से खुलें और किसानों को समय पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में इफको मेरठ के उप महाप्रबंधक ने प्रतिभागियों को नैनो उर्वरकों के उपयोग की विधि, उनके लाभ और इनके माध्यम से व्यवसाय बढ़ाने की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक कम मात्रा में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं और भविष्य की टिकाऊ कृषि व्यवस्था में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए इफको मेरठ के क्षेत्र प्रबंधक कृष्ण कुमार ने पीओएस मशीनों के संचालन, आधार रीसेट प्रक्रिया, टोल-फ्री नंबर के उपयोग, मोबाइल नंबर परिवर्तन की प्रक्रिया तथा मशीनों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने समिति सचिवों से डिजिटल सेवाओं का अधिकतम उपयोग कर किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में कृषि स्नातक प्रशिक्षु अमित वर्मा ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से सहकारी समितियों को अधिक सक्षम बनाने, किसानों तक उर्वरकों एवं अन्य कृषि सेवाओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।