भड़ल के बच्चों को ड्रोन, रोबोट और रॉकेट से विज्ञान सीखने का मिलेगा अवसर
पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय में पांच लाख रुपये से बनेगा साइंस-मैथ्स गार्डन; 26 मॉडल और उपकरणों के जरिए 275 छात्र-छात्राएं समझेंगे विज्ञान व गणित की अवधारणाएं
बागपत । #ANN जिले के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को विज्ञान और गणित की जटिल अवधारणाएं अब प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। बिनौली ब्लॉक के पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय भड़ल में पांच लाख रुपये की लागत से साइंस-मैथ्स गार्डन विकसित किया जाएगा। इसमें ड्रोन, रोबोट और रॉकेट समेत विज्ञान और गणित से जुड़े 26 मॉडल व उपकरण लगाए जाएंगे। गार्डन का लाभ विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ जिले के अन्य स्कूलों के बच्चे भी शैक्षिक भ्रमण के दौरान उठा सकेंगे।
विद्यालय में वर्तमान में 275 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। गार्डन के माध्यम से उन्हें किताबों में पढ़े सिद्धांतों को मॉडल पर देखकर और गतिविधियों के जरिए समझने का मौका मिलेगा। इसका उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाना, गणित को रोचक बनाना और उनमें वैज्ञानिक सोच व नवाचार की भावना विकसित करना है। गार्डन को दिसंबर तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
26 मॉडल और उपकरणों से सीखेंगे विज्ञान-गणित
साइंस-मैथ्स गार्डन में सोलर सिस्टम मॉडल, एआर सोलर सिस्टम चार्ट, ड्रोन, रॉकेट किट, रोबोटिक लर्निंग किट, डिस्टेंस मीटर, ट्रैफिक टावर ट्री और डायरेक्शन टावर ट्री सहित कुल 26 मॉडल व उपकरण लगाए जाएंगे। सौरमंडल मॉडल से विद्यार्थियों को सूर्य और ग्रहों की जानकारी मिलेगी, जबकि रोबोटिक लर्निंग किट के जरिए वे तकनीक और स्वचालन की शुरुआती समझ विकसित कर सकेंगे। ड्रोन और रॉकेट किट से उन्हें इनकी कार्यप्रणाली तथा उनसे जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को जानने का अवसर मिलेगा।
डिस्टेंस मीटर की मदद से विद्यार्थी मिलीमीटर, सेंटीमीटर, मीटर और किलोमीटर जैसी मापन इकाइयों को व्यवहार में समझेंगे। कोण मॉडल गणितीय अवधारणाओं को स्पष्ट करने में मदद करेगा। कृत्रिम मानव मॉडल से शरीर के प्रमुख अंगों की जानकारी दी जाएगी। वहीं, ट्रैफिक टावर और डायरेक्शन टावर के जरिए बच्चे यातायात संकेतों और दिशाओं को पहचानना सीखेंगे।
आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थी भी कर सकेंगे भ्रमण
साइंस-मैथ्स गार्डन को केवल पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय भड़ल तक सीमित नहीं रखा जाएगा। जिले के दूसरे विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी यहां शैक्षिक भ्रमण के लिए आ सकेंगे। इससे आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक मॉडल और उपकरणों के माध्यम से विज्ञान एवं गणित सीखने का अवसर मिलेगा। मॉडल आधारित पढ़ाई से बच्चे जटिल विषयों को देखकर, समझकर और प्रयोग के जरिए सीख सकेंगे।
जेम पोर्टल से होगी खरीद, जिला स्तरीय समिति रखेगी निगरानी
गार्डन के लिए जरूरी मॉडल और उपकरणों की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। निर्माण और व्यवस्थाओं की निगरानी जिला स्तरीय समिति करेगी। जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सदस्य और बेसिक शिक्षा अधिकारी सदस्य-सचिव होंगे। समिति में विज्ञान विषय के एक प्राध्यापक तथा जिले के किसी उच्च शिक्षण संस्थान के तकनीकी विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाएगा।
जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक और गतिविधि आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उनके अनुसार, पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय भड़ल में बनने वाला साइंस-मैथ्स गार्डन बच्चों के लिए सीखने का नया केंद्र बनेगा। यहां 26 मॉडल और उपकरणों की मदद से विद्यार्थी विज्ञान और गणित के सिद्धांतों को देखकर, समझकर और प्रयोग करके सीख सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा और तकनीक से सीखने के समान अवसर मिलें।