शोभित विश्वविद्यालय और जेनोमिक्स बायोलैब के बीच एमओयू
विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी व बायोइन्फॉर्मेटिक्स में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण; इंटर्नशिप और संयुक्त शोध गतिविधियों को भी मिलेगा बढ़ावा
मेरठ । #ANN शोभित इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), मेरठ ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों के शैक्षणिक एवं अनुसंधान कौशल को बढ़ावा देने के लिए ग्रेटर नोएडा स्थित जेनोमिक्स बायोलैब प्राइवेट लिमिटेड (ZENOMIX BIOLAB PRIVATE LIMITED) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। इस समझौते पर 2 नवंबर 2026 को हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों के साथ विभिन्न उभरते अनुसंधान क्षेत्रों में प्रशिक्षण और शोध के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
एमओयू का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रयोगशाला में व्यावहारिक अनुभव देना है। मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और टिश्यू कल्चर सहित अन्य उभरते अनुसंधान क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को संबंधित तकनीकों की समझ विकसित करने तथा अनुसंधान कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
इंटर्नशिप और हैंड्स-ऑन लैब ट्रेनिंग पर रहेगा जोर
समझौते के अंतर्गत इंटर्नशिप, प्रयोगशाला में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण, शोध परियोजनाओं और संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। हैंड्स-ऑन लैब ट्रेनिंग के माध्यम से विद्यार्थी आधुनिक उपकरणों और प्रयोगशाला प्रक्रियाओं से परिचित हो सकेंगे। शोध परियोजनाओं में भागीदारी से उन्हें अनुसंधान की योजना बनाने, प्रयोग करने और निष्कर्षों को समझने का व्यावहारिक अनुभव मिलने की उम्मीद है।
इस सहयोग से विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता और वैज्ञानिक समझ को मजबूत करने में मदद मिलेगी। प्रयोगशाला का वास्तविक अनुभव उन्हें उच्च शिक्षा, शोध और उद्योग जगत में आगे बढ़ने के लिए तैयार करने में उपयोगी होगा। विश्वविद्यालय और कंपनी के बीच सहयोग से अकादमिक ज्ञान तथा उद्योग से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों के बीच बेहतर समन्वय बनाने का प्रयास किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों का मार्गदर्शन
एमओयू प्रक्रिया में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.के. त्यागी, कुलसचिव डॉ. पंकज राणा और जैव प्रौद्योगिकी विभाग की निदेशक प्रो. (डॉ.) दिव्या प्रकाश का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) अल्पना जोशी, प्रो. (डॉ.) ज्योति, प्रो. (डॉ.) संदीप कुमार, डॉ. सोनम आर्या, डॉ. मानसी सैनी, शुभ्रा शर्मा और अविताज कौशल सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के अनुसार, यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करेगी। एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को प्रयोगात्मक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप तथा शोध कार्यों में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।