गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेरणा विमर्श कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश आदित्य नाथ योगी
ग्रेटर नोएडा/लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नारी शक्ति, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, स्टार्टअप, प्रदेश की अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के हालिया बयानों को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की। कार्यक्रम 19 और 20 सितंबर को आयोजित किया गया था।
‘कांग्रेस के युवराज’ के आचरण को लेकर सीएम योगी का हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ संबोधित करते हुए कहा कि झूठ की गूंज के बीच जिस प्रकार का आचरण किया गया, वह उनके अनुसार नारी शक्ति का अपमान है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों से उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर समाज में भ्रम पैदा करने और अव्यवस्था तथा अराजकता फैलाने का आरोप भी लगाया। सीएम योगी के इस बयान का केंद्र नारी सम्मान और भारतीय सामाजिक मूल्यों का मुद्दा रहा। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति को विशेष सम्मान दिया गया है और महिलाओं की गरिमा की रक्षा केवल भाषणों से नहीं बल्कि ठोस कार्यों से होनी चाहिए।
हामिद अंसारी के बयान पर भी साधा निशाना
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक वक्तव्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने उसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘डरावना’ बताया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि भारत की ‘समदृष्टि’ को समझा जाता तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी नहीं की जाती। इस मुद्दे पर प्रकाशित रिपोर्टों में भी मुख्यमंत्री द्वारा अंसारी के वक्तव्य की आलोचना किए जाने की पुष्टि हुई है।
‘नारी सशक्तीकरण भाषण से नहीं, काम से होगा’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को योजनाओं में प्राथमिकता दी जा रही है। उनके अनुसार, देश में तीन करोड़ परिवारों को घरौनी के माध्यम से मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया है, जिसमें महिलाओं को पहला अधिकार दिया गया है। उन्होंने 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और 12 करोड़ घरों में शौचालय की सुविधा दिए जाने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी गांवों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण दिया
महिला आर्थिक सशक्तीकरण का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने झांसी की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में पांच महिलाओं से शुरू हुए समूह से आज करीब 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस समूह का टर्नओवर करीब 115 करोड़ रुपये है और प्रत्येक महिला को प्रतिमाह लगभग आठ से 10 हजार रुपये की आय हो रही है। उन्होंने बताया कि आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर के माध्यम से महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं और इनसे करीब चार लाख महिलाओं के जुड़े होने का दावा किया।
महिला पुलिस की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार होने का दावा
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस में महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिलाएं थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 44 हजार हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन-चार महीनों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार से अधिक हो जाएगी। उन्होंने प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी बढ़ने का भी दावा किया। मुख्यमंत्री के अनुसार यह भागीदारी पहले करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब 36-37 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नई योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आठ हजार न्याय पंचायतों में से चार हजार में महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण देकर जोड़ा जाएगा।
9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
युवाओं के रोजगार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश की सबसे बड़ी युवा शक्ति है और प्रदेश की आबादी में 56 प्रतिशत युवा हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनमें लगभग सवा तीन करोड़ युवा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश को करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतरने और उससे 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का दावा उन्होंने किया।
120 से कम स्टार्टअप से 24 हजार से अधिक तक पहुंचने का दावा
स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि वर्तमान में इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि इनमें करीब आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से देश के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण से जुड़े महापुरुषों एवं राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर का उल्लेख किया।
‘नारी और युवा शक्ति का स्वावलंबन बनेगा आधार’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। उन्होंने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा तो धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित रहेंगे। मुख्यमंत्री ने नारी और युवा शक्ति के स्वावलंबन को उत्तर प्रदेश और भारत के स्वावलंबन का आधार बताया।
‘अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता’
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पहले जिस उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था, वह अब उनके अनुसार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सामने अब पहचान का संकट नहीं है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय विरासत के सम्मान तथा अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दिया।
विपक्ष पर लगाया अव्यवस्था और अराजकता फैलाने का आरोप
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश में फिर से दंगा, कर्फ्यू, समाज को बांटने, भेदभाव और अव्यवस्था का दौर लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास, सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए स्थिर एवं सुरक्षित वातावरण आवश्यक है।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ समापन समारोह
‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ की वैचारिक यात्रा पर आधारित वीडियो प्रदर्शित किए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री को दोनों पत्रिकाओं की प्रतियां भी सौंपी गईं। एक अन्य वीडियो के माध्यम से प्रदेश की नारी और युवा शक्ति में हो रहे बदलावों को प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
समापन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान, संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर, गौतम बुद्ध नगर के जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक मौजूद रहे।
दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ में नारी शक्ति, युवा सोच, नए भारत, उद्यमिता, कौशल विकास, डिजिटल मीडिया और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य समकालीन सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श के लिए मंच उपलब्ध कराना था