जयवीर सिंह (पर्यटन मंत्री)
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मंडल के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को मंडलायुक्त सभागार, लखनऊ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में सभी विकास कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
बैठक में वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त पर्यटन विकास प्रस्तावों तथा वित्तीय वर्ष 2024 से 2026 के दौरान संचालित परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 1.50 करोड़ रुपये तक की सभी विकास परियोजनाएं आगामी नवंबर तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता होगी अनिवार्य
जयवीर सिंह ने कहा कि किसी भी नई परियोजना का शुभारंभ संबंधित क्षेत्र के सांसद, विधायक अथवा विधान परिषद सदस्य की उपस्थिति में भूमि पूजन कराकर ही किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की गई तो संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ की धरोहरों को मिलेगा नया स्वरूप
पर्यटन मंत्री ने लखनऊ के ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक स्थलों की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि— निर्माणाधीन नौसेना शौर्य संग्रहालय का द्वितीय चरण अक्टूबर तक पूरा किया जाए। सई नदी के तट पर घाट निर्माण में तेजी लाई जाए। महाराज बिजली पासी किले की फसाड वॉल एवं पर्यटन विकास परियोजना अक्टूबर तक पूरी की जाए। कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने का कार्य नवंबर तक पूरा किया जाए। रवीन्द्रालय के पर्यटन विकास कार्य को भी अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। नैमिषारण्य और मिश्रिख के विकास पर विशेष जोर बैठक में सीतापुर जनपद की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नैमिषारण्य के सभी विकास कार्य नवंबर तक पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि— नैमिषारण्य स्थित पिलग्रिम इंटरप्रिटेशन सेंटर का नवीनीकरण शीघ्र पूरा किया जाए। मिश्रिख पर्यटन विकास परियोजना में तेजी लाई जाए। गोदलामऊ स्थित अति प्राचीन महादेव मंदिर के लगभग 154.56 करोड़ रुपये की लागत वाले पर्यटन विकास कार्य में गति लाई जाए। लहरपुर, मिश्रिख एवं महमूदाबाद की परियोजनाओं के भूमि पूजन की तिथि तय कर जनप्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित किया जाए।
गोला गोकर्णनाथ मंदिर को मिलेगा आधुनिक कॉरिडोर
लखीमपुर खीरी की समीक्षा के दौरान पर्यटन मंत्री ने गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर तक रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से आने वाले मार्गों के विकास तथा कॉरिडोर निर्माण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डल्लू लाल मंदिर एवं पर्यटन सुविधाओं के निर्माण कार्य, जिसकी अनुमानित लागत 2248.73 लाख रुपये है, उसे सितंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए। गोला, मोहम्मदी, निघासन, श्रीनगर, कस्ता तथा अन्य विधानसभा क्षेत्रों की पर्यटन परियोजनाओं को भी नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। रायबरेली, उन्नाव और हरदोई की परियोजनाओं की भी समीक्षा पर्यटन मंत्री ने रायबरेली में शहीद स्मारक मुंशीगंज के पर्यटन विकास कार्य को 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा—
- ऊंचाहार
- सलोन
- रायबरेली सदर
- बछरावां
- उन्नाव सदर
- पुरवा
- बांगरमऊ
- भगवंतनगर
- हरदोई
- बालामऊ
- संडीला
- सांडी
- गोपामऊ
- मल्लावां
सहित अनेक विधानसभा क्षेत्रों में चल रही पर्यटन परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने पर जोर दिया गया।
संस्कृति एवं पुरातत्व संरक्षण पर भी दिया विशेष जोर
बैठक में पर्यटन मंत्री ने संस्कृति विभाग द्वारा संचालित सार्वजनिक रामलीला मैदानों, धार्मिक स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार की योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने पुरातत्व विभाग को निर्देश दिए कि प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं अनुरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा सभी लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
कार्ययोजना 2026-27 के प्रस्तावों को जल्द मिलेगी मंजूरी
जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त पर्यटन विकास प्रस्तावों की भूमि एवं अभिलेख संबंधी जांच शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास की योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें तय समय सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जाएगा। परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में लखनऊ मंडल के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सांसद प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, विशेष सचिव पर्यटन दीपा रंजन, मृदुल चौधरी, पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी, अंजू चौधरी सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
प्रदेश सरकार का लक्ष्य धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। इसके साथ ही स्थानीय रोजगार, पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।