पीवीवीएनएल की जनसुनवाई में उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान के निर्देश
प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने लाइन शिफ्टिंग, बिलों में नाम-पता सुधार और रूफटॉप सोलर से जुड़े मामलों की समीक्षा की
मेरठ । पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के मुख्यालय ऊर्जा भवन, मेरठ में संभव कार्यक्रम के तहत जनसुनवाई आयोजित की गई। प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) की अध्यक्षता में हुई इस जनसुनवाई में मेरठ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के साथ धामपुर और सहारनपुर समेत विभिन्न स्थानों से आए उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। प्रबंध निदेशक ने मामलों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
मेरठ क्षेत्र ग्रामीण के अंतर्गत विद्युत वितरण खंड प्रथम से जुड़े परतापुर, पल्लवपुरम और किठौर के कई मामले जनसुनवाई में सामने आए। ग्राम छज्जूपुर, मोहिउद्दीनपुर, परतापुर निवासी सरवचन सिंह ने निजी नलकूप की विद्युत लाइन के कारण आवागमन बाधित होने की शिकायत की। प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए विद्युत सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए लाइन स्थानांतरित करने और रास्ते को अवरोध मुक्त करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत बिलों में नाम और पते की त्रुटियों से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं। रिजवान, फारूख और मदीना ने अपने बिलों में सुधार के लिए आवेदन दिया था। प्रबंध निदेशक ने संबंधित अभिलेखों की जांच कर त्रुटियां दुरुस्त करने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अम्हैडा, मेरठ के निवासियों ने मकानों की छतों के ऊपर से 11 केवी लाइन गुजरने की शिकायत की। इस मामले में अधिशासी अभियंता को निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
लोहियानगर निवासी इरम खातून के नए घरेलू बिजली कनेक्शन के आवेदन पर भी सुनवाई हुई। प्रबंध निदेशक ने बकाया राशि और मीटर से जुड़े तथ्यों की पारदर्शी समीक्षा के बाद नियमानुसार समाधान निकालने के निर्देश दिए।
ग्राम अच्छरौंडा निवासी उर्मिला के तीन किलोवाट क्षमता वाले रूफटॉप सोलर संयोजन के मामले में स्मार्ट मीटर की कॉन्फिगरेशन जल्द अपडेट करने और नेट मीटरिंग शुरू कराने के निर्देश परीक्षणशाला को दिए गए। इससे उपभोक्ता को सौर ऊर्जा का लाभ मिल सकेगा।
मीटर उखाड़े जाने और बिजली चोरी के जुर्माने से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि लाइनमैन ने बिना कारण मीटर हटाया और उन पर बिजली चोरी का जुर्माना लगाया गया। प्रबंध निदेशक ने संबंधित अवर अभियंता और जांच अधिकारियों को प्रकरणों की निष्पक्ष पुनः जांच कर नियमानुसार राहत देने के निर्देश दिए।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतें सीधे विभाग के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर देना और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की समस्याओं के स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल विभाग की संवेदनशीलता और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मजबूत करती है।
जनसुनवाई में निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) आशु कालिया, निदेशक (वाणिज्य) संजय जैन और निदेशक (वित्त) स्वतंत्र कुमार तोमर सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य अभियंताओं मो. सगीर, राजेश कुमार, राजकुमार, गुरजीत सिंह और रजनीकांत मिश्र ने भी भाग लिया। इसके अलावा अधीक्षण अभियंता मो. अरशद, अभिषेक सिंह और मनोज कुमार, स्टाफ ऑफिसर सोनम सिंह तथा अधिशासी अभियंता सौरभ मंगला, प्रशांत सोनी, महेश कुमार सहित अन्य अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारियों ने जनसुनवाई में सक्रिय योगदान दिया।