बच्चे को परिजनों के सुपुर्द करती पुलिस
मेरठ। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता में जुटी मेरठ पुलिस ने एक बार फिर संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश की। थाना दौराला पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान अपने परिजनों से बिछड़े पांच वर्षीय बच्चे को सुरक्षित खोजकर उसके परिवार से मिलवा दिया।
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को थाना दौराला क्षेत्र के सिवाया टोल प्लाजा के पास कांवड़ यात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को मेरठ निवासी करीब पांच वर्षीय बच्चा मिला। बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ गया था और अकेला था।
पुलिस ने बच्चे को लिया सुरक्षित संरक्षण में
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बच्चे को तत्काल अपने सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिसकर्मियों ने बच्चे से बातचीत कर उसके परिजनों और घर से संबंधित जानकारी हासिल करने का प्रयास किया।
बच्चे से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने बिना समय गंवाए कांवड़ यात्रा में तैनात अन्य पुलिस बल को सूचना प्रसारित की, ताकि बच्चे के परिजनों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके।
पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाते हुए बच्चे के परिवार की तलाश शुरू की। कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ और श्रद्धालुओं की लगातार आवाजाही के बीच पुलिस के सामने चुनौती यह थी कि बच्चे के परिजनों को जल्द से जल्द खोजा जाए।
पुलिस के त्वरित प्रयास से परिवार तक पहुंचा बच्चा
पुलिस टीम के लगातार प्रयासों के बाद बच्चे के परिजनों का पता लगा लिया गया। इसके बाद बच्चे को अस्थायी पुलिस चौकी सिवाया टोल प्लाजा लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चे को उसके परिजनों के सकुशल सुपुर्द किया गया।
अपने बच्चे को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली। बच्चे को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने मेरठ पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कांवड़ यात्रा में पुलिस की मानवीय भूमिका
कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बन जाती है।
इस घटना में दौराला पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पांच वर्षीय बच्चा सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सका। पुलिसकर्मियों ने बच्चे को पहले सुरक्षित संरक्षण दिया और फिर उपलब्ध जानकारी के आधार पर उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
एसएसपी मेरठ के निर्देशन में लगातार सतर्क पुलिस
मेरठ पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए पुलिस बल को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कांवड़ मार्गों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आपात परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सिवाया टोल प्लाजा पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता के कारण बच्चे को समय रहते सुरक्षित संरक्षण मिला और पुलिस के प्रयासों से वह अपने परिजनों से दोबारा मिल सका।
बच्चे को परिजनों से मिलाने वाली पुलिस टीम
- उपनिरीक्षक प्रियंका चौधरी, थाना दौराला, मेरठ
- महिला कांस्टेबल गुनगुन, थाना दौराला, मेरठ
मेरठ पुलिस की इस कार्रवाई से एक परिवार को उस समय बड़ी राहत मिली, जब कांवड़ यात्रा की भीड़ में उनसे उनका मासूम बच्चा बिछड़ गया था। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता से बच्चा सकुशल अपने माता-पिता तक पहुंच गया।
मेरठ पुलिस की अपील: कांवड़ यात्रा के दौरान अभिभावक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखें और बच्चों को अपना नाम, पता तथा परिजनों का मोबाइल नंबर याद कराने का प्रयास करें।