कार्यक्रम में पुनीत शर्मा को सम्मानित करते परिषद के पदाधिकारी
पंडित प्यारेलाल शर्मा स्मारक भवन में जिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद की ओर से आयोजित हुआ कार्यक्रम, महापौर हरिकांत अहलूवालिया रहे मुख्य अतिथि
मेरठ। जिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद, मेरठ के तत्वावधान में पंडित प्यारेलाल शर्मा स्मारक भवन में भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया तथा देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में मेरठ महापौर हरिकांत अहलूवालिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राजीव कुमार गर्ग ने की, जबकि के.पी. सिंह ने महामंत्री के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और उसके महत्व पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष को किया याद
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय था। वर्ष 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में अंग्रेजी शासन के विरुद्ध शुरू हुए इस आंदोलन ने देशभर में स्वतंत्रता की भावना को नई मजबूती प्रदान की। आंदोलन के दौरान असंख्य देशवासियों ने अंग्रेजी शासन का विरोध करते हुए जेल यात्राएं कीं और अनेक लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन तक समर्पित कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि आजादी केवल राजनीतिक परिवर्तन का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे लाखों स्वतंत्रता सेनानियों और आम नागरिकों का त्याग, संघर्ष और बलिदान जुड़ा हुआ है। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से परिचित कराना और देश के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद रखना समाज की जिम्मेदारी है।
स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से मिली देशभक्ति, एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रसेवा की भावना को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। भारत छोड़ो आंदोलन ने देशवासियों को एकजुट होकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों के भारत के निर्माण के लिए नागरिकों को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। देश की एकता और अखंडता को मजबूत करना तथा समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखना ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इनकी रही प्रमुख उपस्थिति
कार्यक्रम में जिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिषद के कोषाध्यक्ष श्री राम रतन रस्तोगी, उपाध्यक्ष श्रीमती अलका रानी, मीडिया प्रभारी श्री रमेश चंद्र सहित अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा समाजसेवी डा. किरण, डा. कम्रेन्द्र सिंह, कैप्टन चंद्रपाल सिंह यादव, ईश्वर चंद्र गंभीर, सुमनेश सुमन, सौरभ दिवाकर, पुनीत शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और समाजसेवी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
देशभक्ति के संदेश के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को याद करते हुए राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की स्मृति को जीवित रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा। पंडित प्यारेलाल शर्मा स्मारक भवन में आयोजित कार्यक्रम ने एक बार फिर स्वतंत्रता आंदोलन के गौरवपूर्ण इतिहास और राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले वीर सेनानियों की स्मृतियों को जनमानस के बीच जीवंत किया।