विज्ञापन व टेंडर को लेकर सक्षम अधिकारी को ज्ञापन देते संयुक्त प्रेस क्लब के पदाधिकारी
मेरठ। संयुक्त प्रेस क्लब (रजि.) मेरठ ने राष्ट्रीय पर्वों पर प्रकाशित होने वाले सरकारी विज्ञापनों, विभागीय टेंडरों, जनहित सूचनाओं तथा अन्य सरकारी प्रकाशनों के वितरण में समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बुधवार को नगर निगम मेरठ एवं मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता को मजबूत बनाने के लिए छोटे, लघु, क्षेत्रीय एवं सभी पात्र समाचार पत्रों को बिना किसी भेदभाव के विज्ञापन जारी किए जाने चाहिए।
संयुक्त प्रेस क्लब के अध्यक्ष अतुल माहेश्वरी एवं महामंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह तोमर के नेतृत्व में पत्रकारों, संपादकों और प्रकाशकों का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम मेरठ पहुंचा, जहां नगर आयुक्त की ओर से उनके प्रतिनिधि ने ज्ञापन प्राप्त किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा (आईएएस) को भी मांग पत्र सौंपा।
राष्ट्रीय पर्वों के विज्ञापनों में सभी समाचार पत्रों को मिले अवसर
ज्ञापन में मांग की गई कि पूर्व वर्षों की तरह 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) और 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के अवसर पर प्रकाशित होने वाले सरकारी विज्ञापन दैनिक प्रातःकालीन, दैनिक सायंकालीन, साप्ताहिक, पाक्षिक एवं मासिक सभी पात्र समाचार पत्रों को समान रूप से जारी किए जाएं।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि केवल कुछ चुनिंदा समाचार पत्रों तक विज्ञापन सीमित रखने के बजाय सभी पात्र प्रकाशनों को समान अवसर दिया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय पर्वों के संदेश व्यापक स्तर पर जनता तक पहुंच सकें।
टेंडर, निविदाएं और जनहित सूचनाएं भी हों समान रूप से जारी
संयुक्त प्रेस क्लब ने नगर निगम मेरठ और मेरठ विकास प्राधिकरण से यह भी मांग की कि विभागों द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले टेंडर, निविदाएं, ई-टेंडर, सार्वजनिक नोटिस, नीलामी सूचनाएं, जनहित विज्ञापन तथा अन्य विभागीय प्रकाशनों का वितरण भी निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था के अंतर्गत सभी पात्र समाचार पत्रों को किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया कि इससे सरकारी सूचनाएं अधिक प्रभावी ढंग से समाज के हर वर्ग तक पहुंचेंगी और सूचना प्रसार का दायरा भी बढ़ेगा।
लोकतंत्र में समाचार पत्रों की अहम भूमिका
कमिश्नरी चौराहे पर एकत्रित पत्रकारों, संपादकों एवं प्रकाशकों ने कहा कि समाचार पत्र लोकतंत्र में केवल समाचार प्रकाशित करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण सेतु भी हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे, लघु एवं क्षेत्रीय समाचार पत्र गांवों, कस्बों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित की सूचनाओं को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में विज्ञापन वितरण की प्रक्रिया में उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव उचित नहीं है।
अध्यक्ष अतुल माहेश्वरी बोले – सभी पात्र समाचार पत्रों को मिले समान अवसर
संयुक्त प्रेस क्लब के अध्यक्ष अतुल माहेश्वरी ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और इसे मजबूत बनाने के लिए सभी पात्र समाचार पत्रों को समान अवसर मिलना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि छोटे और क्षेत्रीय समाचार पत्र वर्षों से जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं तथा आम जनता की आवाज बनकर कार्य कर रहे हैं। इसलिए उन्हें सरकारी विज्ञापनों से वंचित रखना उचित नहीं कहा जा सकता।
विभागीय रोस्टर में सभी पात्र समाचार पत्रों को शामिल करने की मांग
महामंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि विभागीय रोस्टर में सभी पात्र दैनिक समाचार पत्रों को शामिल किया जाना चाहिए। इससे रोस्टर व्यवस्था के अनुसार विभागीय विज्ञापन, टेंडर, निविदाएं और अन्य सरकारी सूचनाओं का निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी रोस्टर व्यवस्था लागू होने से किसी भी समाचार पत्र के साथ भेदभाव नहीं होगा और सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
छोटे और क्षेत्रीय समाचार पत्रों की आर्थिक मजबूती पर भी दिया जोर
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से अनेक छोटे एवं क्षेत्रीय समाचार पत्र राष्ट्रीय पर्वों के विज्ञापनों और विभागीय प्रकाशनों से वंचित रह जाते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
यदि सभी पात्र समाचार पत्रों को समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी जानकारियां भी अधिक व्यापक स्तर पर आम जनता तक पहुंच सकेंगी।
सकारात्मक कार्रवाई की जताई उम्मीद
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम मेरठ एवं मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा व्यक्त की।
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे उपस्थित
इस अवसर पर संयुक्त प्रेस क्लब के अध्यक्ष अतुल माहेश्वरी, महामंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह तोमर, कोषाध्यक्ष लियाकत मंसूरी, संरक्षक राजेंद्र चौहान, रमेश सोनी, अशोक टाइगर, श्रीपाल तेवतिया, अशोक गोस्वामी, विनोद गोस्वामी, एम.पी. गौतम, अनिल बादली, सुनील बादली, शालू शर्मा, जाहिदा खान, शाहीन परवीन, मुकुल भारद्वाज, गौरव गोयल, रवि ठाकुर, राहुल गुप्ता, गौरव पांडेय, अंकुर भारद्वाज, उत्सव रस्तोगी, अन्नू अग्रवाल, वंशिका शर्मा, माही कश्यप, सुनील शर्मा, आसिफ उर्फ बॉबी, नदीम, एम.एच. खान, एहसान कुरैशी, दिनेश कुमार सिंघल, प्रभास रस्तोगी, अविनाश कुमार सक्सेना, मदन गोपाल, शिवकुमार, रोहित, सुनील जैकब, सुनील वर्मा, फरीद खान, रईस सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, संपादक, प्रकाशक एवं समाचार पत्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य मांगें एक नजर में
- राष्ट्रीय पर्वों के विज्ञापन सभी पात्र समाचार पत्रों को समान रूप से जारी किए जाएं।
- नगर निगम एवं मेडा के टेंडर, निविदाएं और जनहित सूचनाएं बिना भेदभाव प्रकाशित कराई जाएं।
- विभागीय रोस्टर में सभी पात्र समाचार पत्रों को शामिल किया जाए।
- विज्ञापन वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किए जाएं।
- छोटे, लघु एवं क्षेत्रीय समाचार पत्रों की उपेक्षा समाप्त कर उन्हें भी सरकारी विज्ञापनों का समान अधिकार दिया जाए।