क्षेत्र में जल भराव से लोग परेशान
मेरठ। शहर में मंगलवार को हुई बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी ने नगर निगम प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। सपा नेताओं ने नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, अपर नगर आयुक्त, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक तथा संबंधित डिपो प्रभारी को पत्र भेजकर जलभराव और गंदगी की समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है।
सपा नेताओं का आरोप है कि शहर के कई वार्डों में नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा हो गया। कई स्थानों पर जलभराव इतना अधिक है कि पानी लोगों के घरों, मकानों और दुकानों तक में प्रवेश कर गया है। इससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई वार्डों में जलभराव का दावा
पत्र में नगर निगम के वार्ड नंबर 48 माधवपुरम सेक्टर-3, वार्ड नंबर 81 तारापुरी, वार्ड नंबर 88 श्याम नगर, वार्ड नंबर 76 श्याम नगर पूर्वी, वार्ड नंबर 89 रशीद नगर, वार्ड नंबर 90 फिरोज नगर और वार्ड नंबर 56 सादिक नगर सहित अन्य क्षेत्रों में जलभराव की समस्या का उल्लेख किया गया है।
सपा नेताओं का कहना है कि बारिश के बाद इन क्षेत्रों की गलियों और सड़कों पर पानी जमा हो गया। कई जगह नालियों और सीवर का गंदा पानी भी सड़कों पर फैल गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।

माधवपुरम में बारिश के बाद भी नहीं निकला पानी
शिकायत पत्र में विशेष रूप से माधवपुरम सेक्टर-3 की स्थिति का उल्लेख किया गया है। सपा नेताओं के अनुसार, बारिश रुकने के करीब दो घंटे बाद भी गलियों में नालियों और सीवर का गंदा पानी जमा रहा। लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नालों की पर्याप्त सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी तेजी से बाहर नहीं निकल पा रहा है।
ओडियन नाले की सफाई पर उठाए सवाल
सपा नेताओं ने ओडियन नाले की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मुख्य नाला गंदगी और सिल्ट से भरा पड़ा है। इसके चलते आसपास की छोटी-बड़ी नालियों का पानी मुख्य नाले में ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है।
शिकायत में कहा गया है कि कई स्थानों पर मुख्य नाला ऊंचा हो गया है, जबकि उससे जुड़ी नालियां अपेक्षाकृत नीची हैं। इस स्थिति के कारण जल निकासी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है और बारिश होते ही आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष
सपा नेताओं ने नगर निगम की व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि शहर को स्मार्ट सिटी और आदर्श वार्डों के रूप में विकसित करने के दावों के बावजूद जनता को बारिश के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
पत्र में नगर निगम के महापौर, नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक और सफाई नायकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। सपा नेताओं ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि यही व्यवस्था है तो सरकार के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के नारे को किस तरह धरातल पर उतारा जा रहा है, यह जनता स्वयं देख रही है।
उन्होंने शहर के विभिन्न हिस्सों में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।
मुख्य नालों की तलीझाड़ सफाई की मांग
सपा नेताओं ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि जलभराव की समस्या से स्थायी राहत के लिए केवल बारिश के समय पानी निकालने की कार्रवाई न की जाए, बल्कि मुख्य नालों की तलीझाड़ सफाई कराई जाए।
पत्र में विशेष रूप से अमर उजाला सेतु के पास बने मुख्य नाले तथा शताब्दी नगर मेट्रो स्टेशन और ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन के पास स्थित अंडरग्राउंड मुख्य नाले की मैन्युअल सफाई कराने की मांग की गई है।
सपा नेताओं का कहना है कि जब तक मुख्य नालों से सिल्ट, कचरा और अन्य अवरोध पूरी तरह नहीं हटाए जाएंगे, तब तक छोटी नालियों और गलियों से पानी की निकासी सुचारु रूप से नहीं हो सकेगी। इसलिए नगर निगम को तत्काल प्रभाव से बड़े नालों की सफाई का अभियान चलाना चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
शिकायत पत्र में सपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जलभराव और सफाई की समस्या का तत्काल समाधान नहीं किया तो समाजवादी पार्टी आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
उन्होंने कहा कि जलभराव और गंदगी से सबसे अधिक परेशानी आम जनता को उठानी पड़ रही है। ऐसे में नगर निगम को जनहित को प्राथमिकता देते हुए तत्काल सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।
पत्र में यह भी कहा गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता नगर निगम और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपना निर्णय स्वयं करेगी। हालांकि, यह राजनीतिक आरोप और चेतावनी सपा नेताओं की ओर से व्यक्त की गई है।
इन नेताओं ने भेजा शिकायत पत्र
नगर निगम प्रशासन को भेजे गए पत्र में समाजवादी पार्टी के नेताओं एवं पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें अफजाल सैफी, पूर्व पार्षद दल नेता, नगर निगम एवं समाजवादी पार्टी; चौधरी आस मोहम्मद, अध्यक्ष दक्षिण विधानसभा समाजवादी पार्टी मेरठ; मो. काशिफ मंसूरी, अध्यक्ष वार्ड नंबर 48 माधवपुरम समाजवादी पार्टी मेरठ; तथा नन्हे खान, अध्यक्ष वार्ड नंबर 81 समाजवादी पार्टी मेरठ शामिल हैं।
सपा नेताओं ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि बारिश के बाद उत्पन्न जलभराव की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल निरीक्षण कराया जाए, नालों और नालियों से कूड़ा एवं सिल्ट हटाई जाए तथा मुख्य नालों की तलीझाड़ सफाई कराकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग
सपा नेताओं का कहना है कि मानसून के दौरान शहर में लगातार बारिश होने की संभावना रहती है। ऐसे में यदि समय रहते मुख्य नालों और नालियों की सफाई नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाकर जलभराव वाले क्षेत्रों को राहत देने की मांग की है।