राज़ुद्दीन गादरे (राष्ट्रीय प्रवक्ता बहुजन मुक्ति पार्टी)
मेरठ। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश और दिल्ली प्रदेश प्रभारी राजुद्दीन गादरे ने देश की आजादी के 79 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में आम नागरिकों से जुड़े सामाजिक और आर्थिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक को सम्मान, समान अवसर, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय मिलना भी आजादी की वास्तविक भावना का हिस्सा है।
राजुद्दीन गादरे ने कहा कि तिरंगा देश की संप्रभुता, राष्ट्रीय गौरव और एकता का प्रतीक है और प्रत्येक नागरिक को इसका सम्मान करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और व्यवस्था से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे देशद्रोह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि आज भी बड़ी संख्या में लोग भूख, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, अन्याय, शोषण और असमान अवसरों जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं तो इन मुद्दों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है।
“आजादी का लाभ अंतिम नागरिक तक कितना पहुंचा?”
गादरे ने कहा कि देश की आजादी के बाद विकास के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति हुई है, लेकिन यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि विकास और आजादी का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक किस हद तक पहुंचा है।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक को यह जानने और पूछने का अधिकार है कि देश की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और सरकारी फैसलों का प्रभाव समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों पर किस प्रकार पड़ रहा है।
रोजगार और किसानों की स्थिति पर उठाए सवाल
बहुजन मुक्ति पार्टी के नेता ने युवाओं के रोजगार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सवाल किया कि देश के युवाओं को पर्याप्त और सम्मानजनक रोजगार के अवसर कब मिलेंगे।
उन्होंने किसानों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का सुरक्षित और सम्मानजनक प्रतिफल मिलना चाहिए। उनके अनुसार कृषि क्षेत्र को मजबूत किए बिना देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
महंगाई से आम परिवारों को राहत देने की मांग
गादरे ने महंगाई के मुद्दे पर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं और घरेलू जरूरतों से संबंधित खर्च बढ़ने का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ता है। ऐसे में आम नागरिक को महंगाई से राहत दिलाना सरकारों की प्राथमिकताओं में होना चाहिए।
उन्होंने गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
महिलाओं की सुरक्षा और छोटे कारोबार पर भी चिंता
राजुद्दीन गादरे ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने छोटे व्यापारियों और उद्योगों के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए छोटे कारोबार और स्थानीय उद्योगों को मजबूत किया जाना जरूरी है।
विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
गादरे ने विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण और हरियाली के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों और हरियाली को होने वाले नुकसान का भी आकलन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के प्राकृतिक संसाधनों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता, सार्वजनिक हित और संविधान की भावना को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
“तिरंगा घर-घर पहुंचे, लेकिन न्याय भी घर-घर पहुंचे”
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संदेश में राजुद्दीन गादरे ने कहा कि हर घर में तिरंगा पहुंचना गौरव की बात है, लेकिन इसके साथ ऐसा भारत बनाने का प्रयास भी होना चाहिए जहां प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।
उन्होंने कहा कि देश में ऐसा वातावरण होना चाहिए जहां हर घर में चूल्हा जले, हर हाथ को सम्मानजनक रोजगार मिले, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध हो और प्रत्येक नागरिक को न्याय मिल सके।
तिरंगा न होने पर किसी को देशद्रोही कहना उचित नहीं : गादरे
गादरे ने कहा कि किसी नागरिक के घर या कार्यालय पर तिरंगा न होने मात्र के आधार पर उसे देशद्रोही कहना उचित नहीं है। उनके अनुसार देशभक्ति को केवल राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति सम्मान, नागरिकों के अधिकारों की रक्षा, देश के प्रति जिम्मेदारी और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी देशभक्ति की महत्वपूर्ण अभिव्यक्तियां हैं।
“जनता के सवालों से डर क्यों?”
सरकार से सवाल करते हुए राजुद्दीन गादरे ने कहा कि यदि देश मजबूत है तो जनता के सवालों से डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछने को नागरिक अधिकार बताते हुए कहा कि सत्ता से जवाब मांगना लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि देश किसी एक सरकार, राजनीतिक दल या व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि यह करोड़ों नागरिकों का देश है और प्रत्येक नागरिक को देश की नीतियों एवं व्यवस्था पर सवाल पूछने का अधिकार है।
स्वतंत्रता दिवस पर गादरे का आह्वान
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजुद्दीन गादरे ने जनता से केवल उत्सव मनाने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के खिलाफ संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने अपने संदेश में भूख, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने तथा प्रत्येक नागरिक के सम्मान की रक्षा का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के गौरव और बलिदानों को याद करने के साथ-साथ यह विचार करने का भी अवसर है कि संविधान की मूल भावना के अनुरूप देश के प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान कैसे सुनिश्चित किया जाए।