संस्कारवान ऊर्जावान नए सत्र में मुख्य अतिथि को सम्मानित करते आयोजक
मेरठ। शास्त्रीनगर स्थित बालेराम बृजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को प्रातःकालीन वंदना सभा के अंतर्गत “संस्कारवान ऊर्जा सत्र” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को करियर के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनमें नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संस्कारों का विकास करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सामूहिक सरस्वती वंदना के साथ हुआ। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने विद्यालय समिति के प्रबंधक एवं प्रख्यात चार्टर्ड अकाउंटेंट डॉ. आशीष अग्रवाल का पटका एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। अपने स्वागत संबोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल करियर की दिशा ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित और संस्कारवान नागरिक बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आशीष अग्रवाल ने विद्यार्थियों को चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) के क्षेत्र की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने वाला अत्यंत सम्मानजनक और जिम्मेदारीपूर्ण व्यवसाय है। उन्होंने विद्यार्थियों को सीए के फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल स्तर की परीक्षाओं, ऑडिटिंग, टैक्सेशन, फाइनेंशियल मैनेजमेंट, कॉर्पोरेट लॉ तथा स्टार्टअप सलाहकार जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक अवसरों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए विश्लेषणात्मक सोच, ईमानदारी, धैर्य, निरंतर अध्ययन और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने तथा उनके मार्गदर्शन का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। समर्पण, अनुशासन और संस्कार ही व्यक्ति को भीड़ से अलग पहचान दिलाते हैं।”
डॉ. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को प्रभावी अध्ययन के कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि नियमित पढ़ाई की आदत विकसित करें और पढ़े हुए विषय को लिखकर याद करने का अभ्यास करें। उन्होंने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि यह विद्यार्थियों की एकाग्रता का सबसे बड़ा शत्रु बनता जा रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रत्येक रविवार स्वयं का टेस्ट लेने, कम अंक आने पर निराश होने के बजाय अपनी कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी विषय में यदि कोई शंका हो तो उसे इकट्ठा न करें, बल्कि प्रतिदिन अपने अध्यापकों से उसका समाधान प्राप्त करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिस विषय का अध्ययन करें, उसे शीशे के सामने खड़े होकर स्वयं समझाएं या छोटे भाई-बहन को पढ़ाकर अपनी तैयारी का आकलन करें। इससे आत्मविश्वास और विषय की समझ दोनों मजबूत होती हैं।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक श्री अशोक कुमार चौहान ने किया। उन्होंने अकाउंटेंसी के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को बताया कि इस क्षेत्र में सफलता निरंतर अध्ययन, परिश्रम और समर्पण से ही प्राप्त की जा सकती है।
डॉ. आशीष अग्रवाल के प्रेरणादायी संबोधन का विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने पूरे ध्यान और उत्साह के साथ उनके विचारों को सुना तथा प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य श्री प्रभात कुमार गुप्ता ने मुख्य अतिथि डॉ. आशीष अग्रवाल एवं कार्यक्रम संचालक श्री अशोक कुमार चौहान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, अनुशासित और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है। ऐसे मार्गदर्शन सत्र विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के “संस्कारवान ऊर्जा सत्र” आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ जीवन मूल्यों और उत्कृष्ट करियर निर्माण के लिए निरंतर प्रेरणा मिलती रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
इस अवसर पर सुरेंद्र कुमार शर्मा, राजकुमार त्यागी, शुभम त्यागी, मुकेश कुमार शर्मा सहित विद्यालय परिवार के अनेक सदस्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे।