एंटी करप्शन यूनिट की गिरफ्त में रिश्वत लेने का आरोपी लेखाकार राजीव सिंघल
मेरठ। मेरठ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटीकरप्शन यूनिट ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय के लेखाकार राजीव सिंघल को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिविल लाइन थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
सेवानिवृत्त शिक्षक की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, मवाना निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक महिपाल ने एंटीकरप्शन यूनिट से शिकायत की थी कि उनकी पेंशन संबंधी फाइल के निस्तारण के लिए डीआईओएस कार्यालय में तैनात लेखाकार राजीव सिंघल 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद एंटीकरप्शन टीम ने मामले का सत्यापन किया। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर टीम ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
रिश्वत लेते ही दबोचा गया आरोपी
पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता महिपाल रिश्वत की निर्धारित राशि लेकर डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। जैसे ही उन्होंने 25 हजार रुपये लेखाकार राजीव सिंघल को दिए, पहले से सादे कपड़ों में मौजूद एंटीकरप्शन यूनिट की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए। इसके बाद आरोपी को पूछताछ और कानूनी औपचारिकताओं के लिए सिविल लाइन थाने ले जाया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
एंटीकरप्शन यूनिट ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
डीआईओएस कार्यालय में मचा हड़कंप
लेखाकार की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारी और अधिकारी पूरे घटनाक्रम को लेकर आपस में चर्चा करते दिखाई दिए। एंटीकरप्शन टीम अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने अन्य मामलों में भी इसी प्रकार रिश्वत लेकर कार्य तो नहीं किए। यदि जांच में ऐसे तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।
आठ दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि मेरठ में पिछले आठ दिनों के भीतर एंटीकरप्शन यूनिट की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले गंगानगर थाने में तैनात एक दरोगा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी
एंटीकरप्शन यूनिट ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में कार्य के बदले रिश्वत मांगी जाती है, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों या एंटीकरप्शन विभाग को दें। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।