सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करते जिलाधिकारी डॉ वी के सिंह
मेरठ, 22 अगस्त 2026। विकास भवन सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में विकास एवं निर्माण कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए।
निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित मॉनीटरिंग के निर्देश
निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित विभाग एवं कार्यदायी संस्थाएं प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराया जाए। किसी भी परियोजना को हैंडओवर करने से पहले उसकी गुणवत्ता और पूर्णता की भली-भांति जांच कराई जाए तथा सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही संबंधित विभाग को हस्तांतरण की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित निर्माण कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए।
अधिकारियों को प्रतिदिन विकास योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश
विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने विभाग से संबंधित योजनाओं और विकास कार्यों की प्रतिदिन स्वयं समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समय से प्रगति सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी योजना में अपेक्षित प्रगति नहीं होने से न केवल संबंधित योजना प्रभावित होती है, बल्कि जनपद की समग्र रैंकिंग पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही अथवा शिथिलता के कारण जनपद की रैंक खराब होती है या शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फैमिली आईडी की धीमी प्रगति पर डीएम नाराज
बैठक में फैमिली आईडी बनाए जाने की प्रगति की समीक्षा के दौरान स्थिति अपेक्षित स्तर से कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी एक सप्ताह के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि फैमिली आईडी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए पात्र परिवारों को इसका लाभ दिलाने के लिए अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्य की नियमित समीक्षा करने और प्रगति में तेजी लाने को कहा।
बाढ़ राहत कार्यों की भी हुई समीक्षा
बैठक में बाढ़ राहत कार्यों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने के निर्देश दिए।
उन्होंने विकास कार्यों के लिए उपलब्ध विभागीय बजट का नियमानुसार एवं समयबद्ध तरीके से सदुपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा।
गांवों में विकास कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग करें बीडीओ
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि फैमिली आईडी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जनहित से जुड़े विकास कार्यों की भी नियमित मॉनीटरिंग की जाए। उन्होंने गांवों में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, सामुदायिक शौचालय, निर्माण कार्य, तालाब निर्माण, अमृत सरोवर के सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट लाइट तथा विद्यालयों से जुड़े विकास कार्यों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खंड विकास अधिकारी नियमित रूप से ग्राम पंचायतों का भ्रमण करें और विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करें। जिन कार्यों में किसी कारण से देरी हो रही है, उनमें तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए गति बढ़ाई जाए।
पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाएं योजनाओं का लाभ
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने कहा कि शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचाना प्रशासन और संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को शासनादेशों एवं शासन के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्यप्रणाली में लगातार सुधार किया जाए और सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं के प्रत्येक इंडीकेटर में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए। विभागीय अधिकारी अपने-अपने लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करते हुए कम प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष ध्यान दें।
कई विभागों की योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं, फैमिली आईडी, पेंशन योजनाओं, सड़क निर्माण, नमामि गंगे, विभागीय बजट व्यय, ऑपरेशन कायाकल्प, स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं, समाज कल्याण विभाग की योजनाओं, दिव्यांगजन विभाग की योजनाओं, कृषि विभाग की योजनाओं, बाल कल्याण विभाग की योजनाओं तथा पंचायती राज विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में जनहित से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को योजना-वार आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल, सीएमओ डॉ. राम प्रसाद, पीडीडीआरडीए सुनील कुमार सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मोहम्मद परवेज, जिला पंचायत राज अधिकारी वीरेन्द्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शैलेश रॉय, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग सतेन्द्र सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेश कुमार गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।