गन्ना किसान
बागपत। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी बागपत ने जनपद की गन्ना समितियों के माध्यम से गन्ना खरीदने वाली पांच चीनी मिलों को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिए हैं कि वे पेराई सत्र 2025-26 का शत-प्रतिशत बकाया गन्ना मूल्य 15 अगस्त 2026 तक किसानों के खातों में भुगतान करें। निर्धारित समय सीमा तक भुगतान नहीं होने पर संबंधित मिल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
समीक्षा बैठक में सामने आया करोड़ों रुपये का बकाया
17 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी बागपत ने जनपद की प्रमुख चीनी मिलों द्वारा किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सामने आया कि पांचों चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान अभी भी लंबित है।
जिला प्रशासन के अनुसार विभिन्न चीनी मिलों पर निम्नलिखित राशि बकाया है—
- मलकपुर चीनी मिल – 145.63 करोड़ रुपये
- किनौनी चीनी मिल – 87.46 करोड़ रुपये
- भैसाना चीनी मिल – 22.82 करोड़ रुपये
- मोदीनगर चीनी मिल – 7.73 करोड़ रुपये
- ऊन चीनी मिल – 3.40 करोड़ रुपये
इन सभी मिलों पर कुल मिलाकर किसानों का लगभग 266 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य बकाया है।
डीएम ने जताई कड़ी नाराजगी
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने चीनी मिलों द्वारा भुगतान में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित मिल प्रबंधनों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि 15 अगस्त 2026 तक किसानों का पूरा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलना उनका अधिकार है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
भुगतान नहीं हुआ तो होगी कानूनी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि गन्ना मूल्य भुगतान में लगातार देरी से किसानों में असंतोष बढ़ सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए सभी मिल प्रबंधन सरकारी आदेशों का पालन करते हुए समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करें।
किसानों के हितों के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने बताया कि गन्ना विभाग और जिला प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। विभाग लगातार चीनी मिलों के भुगतान की निगरानी कर रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनके गन्ने का मूल्य समय पर प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि पेराई सत्र 2025-26 का समस्त बकाया गन्ना मूल्य जल्द से जल्द किसानों के खातों में पहुंच जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और आगामी पेराई सत्र की तैयारियों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।