सीसीएसयू का ब्रिटिश काउंसिल के साथ हुआ समझौता
मेरठ, 28 अक्टूबर 2026। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ ने उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय और ब्रिटिश काउंसिल के बीच प्रतिष्ठित SCOUT (Scholars for Outstanding Undergraduate Talent on Subject Specific Skills) कार्यक्रम के तहत Operational Alliance Agreement (OAA) पर हस्ताक्षर किए गए। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला और ब्रिटिश काउंसिल के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह समझौता हुआ।
इस साझेदारी के माध्यम से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत प्रतिभाशाली स्नातक विद्यार्थियों को ब्रिटेन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दो सप्ताह तक अध्ययन करने, शोध कौशल विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि के योग्य विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
SCOUT के लिए सीधे समझौता करने वाला पहला विश्वविद्यालय बना सीसीएसयू
SCOUT कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. दिनेश सी. शर्मा ने बताया कि अब तक इस कार्यक्रम के तहत आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों के स्तर पर समझौते किए गए हैं। सीसीएसयू अपने विद्यार्थियों के लिए सीधे ब्रिटिश काउंसिल के साथ OAA करने वाला देश का पहला विश्वविद्यालय बना है।

प्रो. शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय दृष्टि और विद्यार्थियों को वैश्विक अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। उनके अनुसार, समझौते से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और अनुभव हासिल करने का रास्ता खुलेगा।
ब्रिटेन में अध्ययन के साथ शोध और सांस्कृतिक अनुभव
SCOUT के तहत चयनित विद्यार्थियों को ब्रिटेन के विश्वविद्यालय में दो सप्ताह के गहन शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा। इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण में अध्ययन करेंगे और विदेशी शिक्षकों तथा विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। उन्हें आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, शोध संस्कृति और सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझने का मौका भी मिलेगा।
कार्यक्रम में नेतृत्व क्षमता, शैक्षणिक एवं शोध कौशल और प्रभावी संचार को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नेतृत्व प्रशिक्षण के अंतर्गत निर्णय लेने, टीम के साथ काम करने और नेतृत्व करने की क्षमता मजबूत की जाएगी। शोध कौशल के प्रशिक्षण में अनुसंधान, नवाचार, आलोचनात्मक चिंतन और समस्या समाधान पर जोर रहेगा। वहीं, संचार प्रशिक्षण विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवाद, प्रस्तुतीकरण और विभिन्न संस्कृतियों को समझने में मदद करेगा।
प्रशिक्षण में सतत विकास, नवाचार और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को भी महत्व दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक अनुभव के साथ ऐसे कौशल देना है, जिनका उपयोग वे अपने आगे के अध्ययन और रोजगार में कर सकें।
आर्थिक स्थिति प्रतिभा के अवसरों में बाधा नहीं बनेगी: कुलपति
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने इस पहल को विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना भी है।
कुलपति के अनुसार, SCOUT कार्यक्रम से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास, शोध दृष्टिकोण, नेतृत्व क्षमता और रोजगारपरक कौशल विकसित होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसरों में बाधा नहीं बननी चाहिए।
ब्रिटिश काउंसिल की ओर से शैनन वेस्ट ने किए हस्ताक्षर
ब्रिटिश काउंसिल की ओर से शैनन वेस्ट, डिप्टी डायरेक्टर इंडिया एवं एरिया डायरेक्टर, नॉर्थ इंडिया ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने वर्ष 2025 में ब्रिटिश काउंसिल में अपना वर्तमान दायित्व संभाला था। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेल्स में अंग्रेजी भाषा शिक्षण से अपने व्यावसायिक जीवन की शुरुआत की थी।
शैनन वेस्ट ने भारत और ब्रिटेन के बीच उच्च शिक्षा सहयोग तथा विद्यार्थियों के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव विद्यार्थियों को अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने, अपने शोध, भाषा एवं नेतृत्व कौशल को सुदृढ़ करने और विभिन्न संस्कृतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के साथ हमारी साझेदारी के माध्यम से, हमारा उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने तथा उनमें ऐसे कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने में सहयोग देना है, जिससे वे अपने समुदायों और उससे आगे भी सकारात्मक योगदान दे सकें।”
उन्होंने यह भी कहा कि GREAT अभियान के माध्यम से संभव हुई यह साझेदारी भारत और यूके के बीच शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने के अवसरों को अधिक समावेशी बनाने के महत्व को दर्शाती है।
विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और वैश्विक दृष्टिकोण को मिलेगा बढ़ावा
SCOUT के नोडल अधिकारी प्रो. दिनेश सी. शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल विदेश में अध्ययन का अवसर देने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण का विकास करना भी है।
उन्होंने कहा, “आज हम केवल एक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने विद्यार्थियों के लिए वैश्विक अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं। अब सीसीएसयू के प्रतिभाशाली विद्यार्थी ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में जाकर अध्ययन करेंगे, नए कौशल सीखेंगे और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ लौटकर विश्वविद्यालय तथा देश के विकास में योगदान देंगे।”
प्रो. शर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया और ब्रिटिश काउंसिल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को मिलेगा बल
विश्वविद्यालय और ब्रिटिश काउंसिल के बीच हुआ यह समझौता राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में परिकल्पित उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण, कौशल आधारित शिक्षा, समावेशी अवसरों और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग के उद्देश्यों के अनुरूप है। ब्रिटिश काउंसिल का SCOUT कार्यक्रम तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी संचालित किया जा चुका है।
विश्वविद्यालय को उम्मीद है कि इस पहल से छात्र गतिशीलता, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक शैक्षणिक सहभागिता को गति मिलेगी। विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक पद्धतियों, अनुसंधान संस्कृति और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव मिलने से विश्वविद्यालय में भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
समारोह में विश्वविद्यालय और ब्रिटिश काउंसिल के अधिकारी रहे मौजूद
समझौता हस्ताक्षर समारोह में ब्रिटिश काउंसिल की सीनियर मैनेजर, हायर एजुकेशन (मोबिलिटी) सुश्री विशु शर्मा उपस्थित रहीं। विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव श्री अजय कुमार यादव, अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े प्रो. बीर पाल सिंह और SCOUT कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. दिनेश सी. शर्मा सहित वित्त अधिकारी, विभिन्न संकायों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय और ब्रिटिश काउंसिल के बीच भविष्य में शैक्षणिक सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इस समझौते के साथ सीसीएसयू ने अपने स्नातक विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव से जोड़ने की दिशा में नया अध्याय शुरू किया है।
GREAT और Study UK से भी जुड़ी है साझेदारी
यह साझेदारी Study UK और GREAT अभियान के माध्यम से भारत और यूके के शैक्षणिक संबंधों को सुदृढ़ करने के ब्रिटिश काउंसिल के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इन पहलों के जरिए यूके को उच्च शिक्षा के प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है और भारतीय विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीखने के अवसरों को रेखांकित किया जाता है।