केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैभव से वार्ता करते राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी
नई दिल्ली/मेरठ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर मेरठ क्षेत्र से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण रेल एवं यातायात समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने क्षेत्र के यात्रियों, दैनिक रेल यात्रियों और आमजन की समस्याओं से रेल मंत्री को अवगत कराते हुए इनके शीघ्र समाधान की मांग की।
भेंट के दौरान डॉ. बाजपेयी ने मेरठ क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार, नई रेल सेवाएं शुरू करने, रेलवे लाइनों से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं में सुधार तथा दैनिक यात्रियों को होने वाली परेशानियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दे रेल मंत्री के समक्ष रखे।
मेरठ से हावड़ा तक नई ट्रेन चलाने की मांग
डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मेरठ से हापुड़-कानपुर-प्रयागराज-पटना होते हुए हावड़ा तक नई रेलगाड़ी चलाए जाने की आवश्यकता पर रेल मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए पूर्वी भारत तक सीधा और सुविधाजनक रेल संपर्क उपलब्ध कराने की दृष्टि से यह ट्रेन महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
प्रेस नोट के अनुसार रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्ताव को संभव बताते हुए इस पर विचार करने का आश्वासन दिया।
जागरण के आगे अंडरपास का मुद्दा उठाया
बैठक में जागरण के आगे मेरठ-दिल्ली रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास के निर्माण, सुधार और इससे संबंधित समस्याओं का विषय भी उठाया गया। डॉ. बाजपेयी ने इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने का आग्रह किया।
रेल मंत्री ने बताया कि टू-व्हीलर और ई-रिक्शा के आवागमन के लिए अंडरपास जल्द तैयार हो जाएगा। इससे स्थानीय लोगों और छोटे वाहनों के आवागमन की समस्या दूर होने की उम्मीद है।
हापुड़ रेलवे लाइन के दोहरीकरण पर चर्चा
डॉ. बाजपेयी ने हापुड़ रेलवे लाइन के दोहरीकरण की आवश्यकता पर भी रेल मंत्री से चर्चा की। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन के दोहरीकरण से क्षेत्र में रेल यातायात को अधिक सुगम बनाने के साथ-साथ रेल सेवाओं के विस्तार में भी मदद मिल सकती है।
रेल मंत्री ने इस कार्य पर विचार करने तथा संभव होने पर आगे की कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
मेरठ-दिल्ली दैनिक रेल यात्रियों की समस्या प्रमुखता से उठाई
बैठक के दौरान मेरठ-दिल्ली के बीच प्रतिदिन रेल से सफर करने वाले हजारों यात्रियों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. बाजपेयी ने रेल मंत्री को बताया कि ट्रेनों के लगातार विलंब से दैनिक यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कई बार ट्रेनें करीब दो घंटे तक विलंबित हो जाती हैं, जिसके कारण मेरठ से दिल्ली जाने वाले यात्री अपने कार्यालयों और कार्यस्थलों पर समय से नहीं पहुंच पाते। वहीं, वापसी के दौरान भी ट्रेनों में देरी होने के कारण यात्रियों को कई बार रात्रि 12 बजे के बाद मेरठ पहुंचना पड़ता है।
डॉ. बाजपेयी ने इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए रेलवे स्तर पर प्रभावी व्यवस्था किए जाने का आग्रह किया। रेल मंत्री ने मामले का तत्काल परीक्षण कराकर शीघ्र समाधान की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया।
मेरठ-मवाना-हस्तिनापुर रेल परियोजना पर भी हुई चर्चा
मेरठ-मवाना-हस्तिनापुर रेल लाइन का मुद्दा भी रेल मंत्री के समक्ष रखा गया। डॉ. बाजपेयी ने इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया।
रेल मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए पूर्व में किए गए परीक्षण का अध्ययन किया जाएगा और यदि कार्य संभव हुआ तो आगे की कार्रवाई के लिए विचार किया जाएगा।
गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस के समय में बदलाव का मुद्दा उठाया
मेरठ से मुंबई और अमृतसर के बीच यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस के समय में हुए परिवर्तन का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।
डॉ. बाजपेयी ने बताया कि पूर्व में यह ट्रेन मेरठ से रात करीब 9:15 बजे रवाना होकर सुबह लगभग 5 बजे गंतव्य तक पहुंचती थी। इसी प्रकार अमृतसर से भी ट्रेन रात करीब 9 बजे रवाना होकर सुबह लगभग 5 बजे मेरठ पहुंचती थी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय-सारिणी में बदलाव के बाद मेरठ से ट्रेन करीब 3:30 बजे दिन में रवाना होती है और रात करीब 12:30 बजे पहुंचती है। वहीं, अमृतसर से ट्रेन शाम करीब 7:30 बजे रवाना होकर रात लगभग 2 बजे मेरठ पहुंचती है।
समय परिवर्तन से व्यापारियों और श्रद्धालुओं को परेशानी
डॉ. बाजपेयी ने रेल मंत्री को बताया कि ट्रेन के समय में बदलाव से व्यापारियों, श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व की समय-सारिणी के कारण श्रद्धालु दो रात और एक दिन में दर्शन कर वापस लौट आते थे, लेकिन वर्तमान समय-सारिणी के कारण यह सुविधा प्रभावित हुई है।
प्रेस नोट में दावा किया गया कि समय-सारिणी में बदलाव का असर यात्रियों की संख्या पर भी पड़ा है और इस मार्ग पर रेलवे की आय में करीब 25 प्रतिशत तक की कमी आई है। डॉ. बाजपेयी ने जनहित और रेलवे हित को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के पूर्व समय पर पुनर्विचार किए जाने की मांग की।
रेल मंत्री ने इस मामले की जांच कराने और उसके बाद आगे की कार्रवाई पर विचार करने का आश्वासन दिया।
रेल मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए
डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि मेरठ क्षेत्र के लिए ये सभी रेल परियोजनाएं और यात्री सुविधाओं से जुड़े मुद्दे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने रेल मंत्री का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए इनके शीघ्र और प्रभावी समाधान का आग्रह किया।
प्रेस नोट के अनुसार केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने सभी विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
प्रमुख मांगें एक नजर में
- मेरठ से हापुड़-कानपुर-प्रयागराज-पटना होते हुए हावड़ा तक नई ट्रेन।
- जागरण के आगे मेरठ-दिल्ली रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास का शीघ्र निर्माण।
- हापुड़ रेलवे लाइन का दोहरीकरण।
- मेरठ-दिल्ली दैनिक रेल यात्रियों की ट्रेनों में देरी की समस्या का समाधान।
- मेरठ-मवाना-हस्तिनापुर रेल परियोजना पर आगे कार्रवाई।
- गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस के पूर्व समय पर पुनर्विचार।
- यात्रियों की सुविधा और रेलवे की आय को ध्यान में रखते हुए रेल सेवाओं में सुधार।