डॉ॰ सतीश शर्मा
30 मई को सीबीआई ने कैंट बोर्ड के पूर्व मनोनीत सदस्य को तीन लाख रुपये के साथ किया था गिरफ्तार, निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट पहुंचे थे
मेरठ । कैंट बोर्ड मेरठ के पूर्व मनोनीत सदस्य डॉ. सतीश शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जमानत आदेश जारी होने के बाद उन्हें गाजियाबाद की डासना जेल से रिहा कर दिया गया। डॉ. सतीश शर्मा की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में विगत शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। बताया जा रहा है कि सुनवाई के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को जमानत संबंधी आदेश हाईकोर्ट के पोर्टल पर प्रदर्शित होने के बाद देर शाम उनकी जेल से रिहाई हुई।
30 मई को सीबीआई ने की थी गिरफ्तारी
मामला कैंट बोर्ड के गांधी बाग स्थित राजस्व ठेके से जुड़ा बताया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठेकेदार विक्की कश्यप की ओर से की गई शिकायत के आधार पर सीबीआई की गाजियाबाद शाखा ने कार्रवाई की थी। 30 मई को सीबीआई की टीम ने कथित तौर पर जाल बिछाकर डॉ. सतीश शर्मा को उनके अंसल टाउन स्थित आवास से तीन लाख रुपये की रकम के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद डॉ. सतीश शर्मा को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसके बाद से वह गाजियाबाद की डासना जेल में बंद थे।
सीबीआई कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में अपील
डॉ. सतीश शर्मा की ओर से निचली अदालत में भी जमानत के लिए आवेदन किया गया था। हालांकि, 5 अगस्त को सीबीआई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उनके अधिवक्ताओं की ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील की गई। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें जमानत प्रदान कर दी। जमानत आदेश हाईकोर्ट के पोर्टल पर उपलब्ध होने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं और इसके उपरांत उन्हें डासना जेल से रिहा कर दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद कैंट बोर्ड की सदस्यता पर भी हुई थी कार्रवाई
डॉ. सतीश शर्मा की गिरफ्तारी की सूचना कैंट बोर्ड मेरठ की ओर से कैंट बोर्ड अध्यक्ष एवं स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह को दी गई थी। इसके बाद कैंट बोर्ड स्तर पर कैंट एक्ट की धारा 34 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से डॉ. सतीश शर्मा की कैंट बोर्ड की मनोनीत सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। इस कार्रवाई के बाद उनका कैंट बोर्ड से जुड़ा पद भी समाप्त हो गया।
रिहाई के बाद मामले को लेकर बढ़ी चर्चाएं
डॉ. सतीश शर्मा की जेल से रिहाई के बाद अब इस पूरे प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके करीबी लोगों का कहना है कि डॉ. शर्मा अपने खिलाफ हुई कार्रवाई और पूरे प्रकरण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रख सकते हैं। उनके जानकारों के अनुसार, वह यह भी स्पष्ट कर सकते हैं कि उनके खिलाफ मामला किस परिस्थितियों में सामने आया और उनका पक्ष क्या है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों और उनके पीछे की परिस्थितियों को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्पष्ट होगी। डॉ. सतीश शर्मा की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।
कैंट बोर्ड से जुड़े मामलों पर भी रह सकती है नजर
डॉ. सतीश शर्मा लंबे समय तक कैंट बोर्ड से जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनकी रिहाई के बाद कैंट बोर्ड से संबंधित विभिन्न मामलों और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों को लेकर भी चर्चाएं होने की संभावना है। उनके करीबी सूत्रों का दावा है कि आने वाले समय में वह कैंट बोर्ड से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना पक्ष सार्वजनिक कर सकते हैं। फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद डॉ. सतीश शर्मा जेल से बाहर आ चुके हैं और अब इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।