नशा मुक्ति कार्यक्रम में सम्मानित करती डी सी पी हरविंदर सिंह
पंचकूला। हरियाणा को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ड्रग फ्री हरियाणा” अभियान के तहत सोमवार को पंचकूला के इंद्रधनुष ऑडिटोरियम के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक विशेष विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई का संकल्प लिया।
यह अभियान हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की प्रेरणा तथा एडीजीपी संजय कुमार के मार्गदर्शन में 11 जून से 26 जून 2026 तक पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्त कार्रवाई जारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजी सुनील दलाल ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी की कमर तोड़ने का काम किया है और भविष्य में इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए और अधिक सख्ती से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाहरी राज्यों से होने वाली अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति को रोकना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन इस लड़ाई में समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है। जब तक समाज स्वयं नशे के खिलाफ जागरूक नहीं होगा, तब तक इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
पुलिस और शिक्षण संस्थानों की साझेदारी बनेगी बदलाव का आधार
विमर्श की अध्यक्षता करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के “नशामुक्त हरियाणा” के विजन को साकार करने के लिए पुलिस विभाग व्यापक स्तर पर अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी सामाजिक चुनौतियों में से एक नशे की समस्या है और इसका समाधान पुलिस तथा शिक्षा संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। युवाओं को जागरूक बनाकर ही इस बुराई पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
युवा देश की सबसे बड़ी ताकत: डॉ. लीजु
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. लीजु ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा देश की धरोहर हैं और राष्ट्र का भविष्य उनके हाथों में है। इसलिए उनका शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों, उसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान तथा उससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही युवाओं को जीवन में सकारात्मक सोच अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
नशामुक्ति केंद्रों को किया जाएगा और मजबूत
डीएसपी हरविंदर सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि नशामुक्त हरियाणा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नशामुक्ति केंद्रों को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनजागरूकता और पुनर्वास दोनों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन पीआरओ आउटरीच राजीव रंजन ने किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहकर समाज के लिए आदर्श बनना चाहिए। तभी आने वाली पीढ़ियों को सही दिशा मिल सकेगी।
विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प
कार्यक्रम में आईटीआई और विभिन्न राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में इंस्पेक्टर मांगे राम का विशेष योगदान रहा।
पूरे हरियाणा में चल रहा है अभियान
“ड्रग फ्री हरियाणा” अभियान की शुरुआत 11 जून को चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा से हुई थी। इसके बाद 12 जून को फतेहाबाद, 15 जून को पंचकूला में कार्यक्रम आयोजित किया गया। आगामी कार्यक्रम 16 जून को यमुनानगर, 17 जून को पानीपत, 18 जून को कैथल, 20 जून को झज्जर, 22 जून को सोनीपत, 23 जून को गुरुग्राम और 26 जून को फरीदाबाद में आयोजित किए जाएंगे।
अभियान का समापन 26 जून को फरीदाबाद स्थित एनआईटी परिसर में होगा, जहां नशामुक्त हरियाणा के संकल्प को और मजबूत करने के लिए राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
हरियाणा सरकार, पुलिस विभाग और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।