ग्राम दूधली स्थित प्राचीन ऐतिहासिक जाहरवीर गोगा की महाड़ी पर पूजा अर्चना करते राज्यमंत्री कपिल देव
मुजफ्फरनगर, 13 सितंबर 2026। चरथावल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दूधली में स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर रविवार से तीन दिवसीय विशाल मेले का शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने जाहरवीर गोगा जी की म्हाड़ी पर विधिवत दर्शन एवं पूजन किया और क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य तथा मंगलमय जीवन की कामना की।
आस्था, लोकपरंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है गोगा म्हाड़ी
मेले के शुभारंभ अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि दूधली की ऐतिहासिक गोगा म्हाड़ी केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की समृद्ध लोकपरंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्षों से चली आ रही मेले की परंपरा आज भी श्रद्धा और विश्वास के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी प्राचीन परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और लोक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मेले में विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण यह आयोजन सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का भी संदेश देता है।

कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
मंत्री ने कहा कि जाहरवीर गोगा जी के प्रति लोगों की आस्था केवल मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्र तक सीमित नहीं है। दूधली की गोगा म्हाड़ी पर आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक मेले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
श्रद्धालु गोगा म्हाड़ी पर प्रसाद अर्पित करते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। बड़ी संख्या में लोग परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे क्षेत्र में धार्मिक एवं उत्सव का वातावरण देखने को मिलता है।
करीब पांच सौ वर्ष पुराना बताया जाता है गोगा म्हाड़ी का इतिहास
ग्रामीणों और स्थानीय लोकमान्यता के अनुसार ग्राम दूधली स्थित गोगा म्हाड़ी का इतिहास करीब पांच सौ वर्ष पुराना बताया जाता है। इस प्राचीन धार्मिक स्थल से जुड़ी अनेक लोककथाएं और जनश्रुतियां आज भी स्थानीय लोगों के बीच श्रद्धा के साथ सुनाई जाती हैं।
स्थानीय मान्यता के अनुसार दूधली के मजरे आलमगीरपुर निवासी एक किसान ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद जाहरवीर गोगा जी को अपने घोड़े के नीले रंग के बछेरे को अर्पित करने का संकल्प लिया था। बताया जाता है कि किसान अपने संकल्प को पूरा करने के लिए उस बछेरे को लेकर पैदल राजस्थान स्थित बागड़ धाम तक गया और वहां उसे जाहरवीर गोगा जी को अर्पित किया।
लोकआस्था से जुड़ी परंपरा आज भी कायम
स्थानीय लोगों के अनुसार इसी लोकआस्था और जनविश्वास से जुड़ी परंपरा ने दूधली की गोगा म्हाड़ी को क्षेत्र में विशेष धार्मिक पहचान दिलाई। समय के साथ यह स्थान आसपास के गांवों के साथ-साथ दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।
हर वर्ष आयोजित होने वाला मेला इस लोकपरंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करता है। श्रद्धालु यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और जाहरवीर गोगा जी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। मेले के माध्यम से स्थानीय लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का संरक्षण भी होता है।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर
मेले के शुभारंभ के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं मेला आयोजकों से सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मंत्री ने निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के मेले में पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति को सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुखद वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मेले के शुभारंभ पर दिखा श्रद्धालुओं में उत्साह
तीन दिवसीय मेले के शुभारंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक जयकारों और श्रद्धा के वातावरण के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने जाहरवीर गोगा जी की म्हाड़ी पर पहुंचकर दर्शन किए और प्रसाद अर्पित किया।
मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मेले के कारण दूधली और आसपास के क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। आने वाले दो दिनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी
मेले के उद्घाटन अवसर पर सदस्य महिला आयोग सपना कश्यप, बिरालसी मंडल अध्यक्ष प्रवीण राणा, चरथावल मंडल अध्यक्ष भोपाल सिंह, जिला मंत्री सुरेंद्र कश्यप, सुभाष चौहान, श्री रामभूल पुंडीर, ग्राम प्रधान शोभित पुंडीर, बिरजपाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष विशाल गर्ग, दिवाकर सोलंकी, मुकेश सोम, प्रतीक शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
दूधली की गोगा म्हाड़ी पर आयोजित यह मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु एक साथ पूजा-अर्चना और मेले में सहभागिता करते हैं। इससे क्षेत्र की लोकपरंपराओं को निरंतरता मिलती है और सामाजिक मेल-जोल को बढ़ावा मिलता है।
तीन दिवसीय इस मेले के शुभारंभ के साथ दूधली एक बार फिर जाहरवीर गोगा जी की भक्ति और लोकआस्था के रंग में रंग गया है। श्रद्धालुओं की आस्था, लोकविश्वास और सदियों पुरानी परंपरा इस आयोजन को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक मेलों में विशेष स्थान प्रदान करती है।