प्रो. त्रिवेणी दत्त, कुलपति
मेरठ। छात्रों के मानसिक, शारीरिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कृषि विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छात्र सेवा केंद्र (Student Service Centre) की स्थापना की गई है। विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. त्रिवेणी दत्त द्वारा स्थापित इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, संवेदनशील एवं सहयोगपूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि पढ़ाई के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार के मानसिक अथवा भावनात्मक दबाव का अकेले सामना न करना पड़े।
24×7 उपलब्ध रहेगी छात्र सेवा सुविधा
विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित छात्र सेवा केंद्र 24 घंटे और सातों दिन (24×7) कार्य करेगा। विद्यार्थी अपनी आवश्यकता एवं सुविधा के अनुसार केंद्र से व्यक्तिगत रूप से, ऑनलाइन माध्यम अथवा टेलीफोन हेल्पलाइन के जरिए संपर्क कर सकेंगे। केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी समस्याओं के अनुरूप परामर्श, मार्गदर्शन तथा आवश्यक मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पहल
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए हेल्प सेंटर एवं करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उन्हें शिक्षा के लिए अनुकूल और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शैक्षणिक दबाव, सहपाठी दबाव, व्यवहार संबंधी समस्याओं, करियर को लेकर चिंता, मानसिक तनाव तथा अवसाद जैसी परिस्थितियों में समय पर उचित मार्गदर्शन और सहायता मिलना आवश्यक है। छात्र सेवा केंद्र इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को आवश्यक परामर्श एवं सहयोग उपलब्ध कराएगा।
विद्यार्थियों की समस्याओं की गोपनीयता रहेगी सुनिश्चित
छात्र सेवा केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यक्तिगत काउंसलिंग, ऑनलाइन परामर्श और टेलीफोन हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र द्वारा विद्यार्थियों की समस्याओं को समझकर उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे विद्यार्थियों पर ध्यान दिया जाएगा जो अधिक संवेदनशील, तनावग्रस्त अथवा मानसिक रूप से परेशान महसूस कर रहे हों।
विश्वविद्यालय के अनुसार विद्यार्थियों से संबंधित व्यक्तिगत सूचनाओं एवं परामर्श के दौरान साझा की गई जानकारियों को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। केंद्र का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए ऐसा भरोसेमंद वातावरण तैयार करना है, जहां वे बिना किसी संकोच के अपनी समस्याओं को साझा कर सकें और समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
विशेषज्ञों से भी जोड़ा जाएगा छात्र सेवा केंद्र
छात्र सेवा केंद्र द्वारा आवश्यकता के अनुसार पीजीआई के मनोचिकित्सकों तथा अन्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ भी संपर्क बनाए रखा जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ स्तर की सलाह एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकेगा। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए और उन्हें उचित सहायता उपलब्ध हो।
प्रशिक्षित परामर्शदाताओं की होगी भूमिका
केंद्र को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित परामर्शदाताओं, क्लिनिकल काउंसलर एवं मनोचिकित्सकीय सलाहकारों की सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इन विशेषज्ञों के माध्यम से तनाव, पढ़ाई से संबंधित दबाव, करियर संबंधी चिंता और अन्य भावनात्मक समस्याओं से जूझ रहे विद्यार्थियों को आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।
डॉ. वैशाली को निदेशक की जिम्मेदारी
छात्र सेवा केंद्र के सुचारू संचालन के लिए डॉ. वैशाली को निदेशक नियुक्त किया गया है। उनके साथ डॉ. विनिता वर्मा और डॉ. नीरज यादव को सह-निदेशक तथा डॉ. श्रेया रावत, डॉ. अरुण गुप्ता और डॉ. श्वेता यादव को सहायक निदेशक नियुक्त किया गया है।
विभिन्न विशेषज्ञ भी करेंगे सहयोग
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप छात्र सेवा केंद्र को बहुआयामी स्वरूप प्रदान किया गया है। केंद्र की गतिविधियों में आवश्यकता के अनुसार मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता, नैदानिक मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता, मनोरोग नर्सिंग विशेषज्ञ, योग प्रशिक्षक, खेल प्रशिक्षक तथा संगीत प्रशिक्षक भी सहयोग करेंगे।
छात्रों के लिए सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने पर जोर
कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके समग्र व्यक्तित्व विकास और मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देना है। छात्र सेवा केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं को साझा करने, उचित परामर्श प्राप्त करने और तनावपूर्ण परिस्थितियों से बेहतर ढंग से निपटने में सहायता मिलेगी।
विश्वविद्यालय की इस पहल से विद्यार्थियों को एक ऐसा सुरक्षित, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण मंच उपलब्ध होने की उम्मीद है, जहां वे अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक, करियर अथवा भावनात्मक समस्याओं के संबंध में आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकेंगे। केंद्र के 24×7 संचालन से जरूरत के समय विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।