आगजनी के बाद मलबे से सुरक्षित समान की आस में तलाश
मेरठ। संजय नगर इलाके में बुधवार दोपहर एक मकान की पहली मंजिल पर अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने घर में रखे कपड़े, फर्नीचर, घरेलू सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मेरठ इंजीनियरिंग एसोसिएशन के अधिकारी के मकान में रहते हैं दो परिवार
संजय नगर में मेरठ इंजीनियरिंग एसोसिएशन के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एनसी वर्मा का मकान है। इस मकान में दो परिवार किराए पर रहते हैं। ग्राउंड फ्लोर पर पूनम अपने बेटों आकाश और ओम के साथ रहती हैं, जबकि पहली मंजिल पर ई-रिक्शा चालक कुलेंद्र अपनी पत्नी मोना, बेटी रेशू और बेटे नितेश के साथ रहते हैं।
बुधवार दोपहर जब आग लगी, उस समय परिवार के अधिकांश सदस्य अपने-अपने काम से बाहर गए हुए थे। कुलेंद्र फैक्ट्री में काम कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी मोना घरों में काम करने गई थीं।
दोपहर करीब तीन बजे अचानक उठने लगा धुआं
बताया गया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे पहली मंजिल से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में घर से आग की लपटें उठने लगीं। आसपास के लोगों ने तत्काल मामले की जानकारी परिवार और दमकल विभाग को दी।
शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि फ्रिज के प्लग में शॉर्ट सर्किट हुआ होगा। प्लग से निकली चिंगारी ने आसपास रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
मोहल्ले के लोगों ने भी बुझाने का किया प्रयास
आग की लपटें और धुआं देखकर आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी बीच दमकल विभाग को भी सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग बुझने के बाद घर की स्थिति देखकर परिवार के लोगों के सामने बड़ा नुकसान सामने आया।
सामान बचाने पहुंचे तो धुएं से घुटने लगा दम
आग की सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और घर में रखा सामान बाहर निकालने का प्रयास किया। लेकिन कमरों में धुआं इतना ज्यादा भर चुका था कि अंदर मौजूद लोगों का दम घुटने लगा और उनकी हालत बिगड़ने लगी।
आसपास के लोगों ने तत्काल उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद किसी को भी घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का पूरा काम अपने हाथ में ले लिया।
बेटी की नवंबर में शादी, शादी का सामान भी आग में जला
आग से सबसे ज्यादा नुकसान कुलेंद्र और मोना के परिवार को हुआ है। पीड़िता मोना ने बताया कि उनकी बेटी रेशू की शादी नवंबर में तय है। बेटी की शादी को लेकर परिवार काफी समय से तैयारियां कर रहा था और धीरे-धीरे शादी के लिए जरूरी सामान खरीदकर घर में रखा जा रहा था।
मोना के मुताबिक, आग में शादी के लिए जुटाकर रखा गया सामान भी जलकर राख हो गया। परिवार के लिए यह नुकसान आर्थिक के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी बेहद बड़ा है।
पति की जेब में रखे 10 हजार रुपये भी जले
मोना ने बताया कि आग की चपेट में आने से उनके पति की पैंट की जेब में रखे 10 हजार रुपये भी जल गए। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को अपना सामान बचाने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
पीड़ित परिवार के मुताबिक घर में रखा लगभग पूरा सामान जल गया है। यहां तक कि उनके पास पहनने के लिए पर्याप्त कपड़े भी नहीं बचे हैं।
परिवार ने आग से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये के नुकसान का अनुमान जताया है।
मकान मालिक ने मदद का भरोसा दिया
हादसे की जानकारी मिलते ही मकान मालिक एनसी वर्मा का परिवार भी मौके पर पहुंच गया। उन्होंने आग से प्रभावित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया।
वहीं, मोहल्ले के लोगों ने भी मानवीय पहल करते हुए पीड़ित परिवार की मदद शुरू कर दी। स्थानीय लोगों की ओर से कपड़े और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आग की वजह से अपना घरेलू सामान गंवा चुके परिवार को तत्काल राहत मिल सके।
दमकल विभाग ने दूसरे दिन भी किया निरीक्षण
आग लगने के बाद काफी देर तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दमकल की टीम ने आग पर काबू पाने के बाद यह सुनिश्चित किया कि घर में कहीं दोबारा आग भड़कने की स्थिति न हो।
गुरुवार को दमकल विभाग की टीम ने दोबारा मौके का निरीक्षण किया। टीम द्वारा आग लगने के कारणों और नुकसान का जायजा लिया गया। फिलहाल शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है।
हालांकि अधिकारियों के अनुसार आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
समय रहते बाहर निकले लोग, टला बड़ा हादसा
इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि आग लगने के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद नहीं थे। आग की सूचना मिलने के बाद जब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और सामान निकालने का प्रयास किया, तब धुएं की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थानीय लोगों ने उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया।
यदि आग के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर मौजूद होते तो हादसा और गंभीर हो सकता था। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन आग ने परिवार का घरेलू सामान और बेटी की शादी के लिए की जा रही तैयारियों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से पीड़ित परिवार को आवश्यक घरेलू सामान और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।