प्रेसीडेंसी पब्लिक स्कूल में नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण देते सहायक उप नियंत्रक नवीन नारंग
मेरठ। प्रेसीडेंसी पब्लिक स्कूल, शताब्दी नगर में रविवार को नागरिक सुरक्षा कोर (Civil Defence), मेरठ के तत्वावधान में पांच दिवसीय नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन नागरिक सुरक्षा कोर के सहायक उपनियंत्रक श्री नवीन नारंग तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. उपेंद्र कुमार भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन विद्यार्थियों को युद्ध जैसी आपातकालीन परिस्थितियों, प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, बचाव एवं राहत कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रों में आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना तथा उन्हें जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
इस अवसर पर सहायक उपनियंत्रक श्री नवीन नारंग ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई देशों में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे समय में भारत भी सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा या संकट की स्थिति में नागरिकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर विद्यार्थियों को सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे स्वयं सुरक्षित रहते हुए दूसरों की सहायता भी कर सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों को आपदा के समय घबराने के बजाय संयम बनाए रखने, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), सुरक्षित निकासी, आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय तथा राहत कार्यों में सहयोग करने के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. उपेंद्र कुमार भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पांच दिवसीय यह प्रशिक्षण छात्रों के लिए भविष्य में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने सहायक उपनियंत्रक श्री नवीन नारंग का आभार व्यक्त किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री जितेंद्र, श्री भरत भूषण तथा श्रीमती गरिमा सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विद्यालय के प्रबंधक श्री शशि प्रकाश शमी एवं श्री राजीव शमी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को समय-समय पर ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण दिए जाने चाहिए, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रह सकें।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि आगामी पांच दिनों तक विद्यार्थियों को सिविल डिफेंस, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, प्राथमिक उपचार एवं राहत कार्यों से संबंधित सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे स्वयं के साथ-साथ समाज की सुरक्षा में भी प्रभावी योगदान दे सकें।