दो पौधे लगाकर विरोध दर्ज कराते मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा
मेरठ। मेरठ में हाल ही में चर्चा में रहे एसएसपी के बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने प्रतीकात्मक रूप से दो पौधे लगाकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पौधारोपण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है, लेकिन जनभावनाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों का समाधान केवल प्रतीकात्मक संदेशों से नहीं हो सकता।
एसएसपी के बयान के संदर्भ में लगाया पौधारोपण
शैंकी वर्मा ने कहा कि उन्होंने एसएसपी मेरठ के उस बयान के संदर्भ में दो पौधे लगाए हैं, जिसमें कथित रूप से कहा गया था कि “जो मेरे समर्थन में है वह एक पौधा लगाए और जो विरोधी है वह दो पौधे लगाए।” उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है और अधिक से अधिक पौधारोपण किया जाना चाहिए।
‘थप्पड़ कांड’ के बाद जनता जवाबदेही चाहती थी
शैंकी वर्मा ने कहा कि मेरठ में हुए चर्चित ‘थप्पड़ कांड’ के बाद लोगों की अपेक्षा थी कि प्रशासन पूरे मामले में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और निष्पक्ष जवाबदेही का परिचय देगा। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में जनता की भावनाओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
‘काउंसलिंग’ वाले बयान पर भी जताई प्रतिक्रिया
उन्होंने एसएसपी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित रूप से विरोध करने वालों की “काउंसलिंग” कराने की बात कही गई थी। शैंकी वर्मा ने कहा कि वे अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी काउंसलिंग कब होगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि यदि काउंसलिंग की आवश्यकता है तो उन अधिकारियों की भी होनी चाहिए, जिन पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
दो पौधों को बताया लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक
शैंकी वर्मा ने कहा कि उनके द्वारा लगाए गए दो पौधे केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश नहीं देते, बल्कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनता के सम्मान के भी प्रतीक हैं। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा की कि वह जनता की समस्याओं और भावनाओं को संवाद एवं संवेदनशीलता के साथ सुने तथा लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य करे।