भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का सम्मान करते पूर्व मंत्री सुनील भराला
नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता, उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, भगवान परशुराम के आदर्शों तथा राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
भेंट के दौरान पंडित सुनील भराला ने महाकुंभ में राष्ट्रीय परशुराम परिषद द्वारा स्थापित शिविर में प्राण-प्रतिष्ठित भगवान परशुराम की दिव्य प्रतिमा तथा भगवान परशुराम चालीसा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को सादर भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सनातन मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भारतीय संस्कृति के संरक्षण, सनातन परंपराओं के संवर्धन और राष्ट्रहित में समाज की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य करने का संदेश दिया। पंडित सुनील भराला ने भी उनके मार्गदर्शन को प्रेरणादायी बताते हुए इसे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों के लिए नई ऊर्जा प्रदान करने वाला बताया।
इस अवसर पर पंडित सुनील भराला ने कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद भगवान परशुराम के न्याय, धर्म, तप, शौर्य और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। परिषद का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना है तथा भविष्य में भी संगठन इसी संकल्प के साथ समाज और राष्ट्र की सेवा करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन सत्य, न्याय और धर्म की स्थापना का संदेश देता है। आज के समय में उनके आदर्श युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और इन्हें समाज में व्यापक रूप से प्रसारित करने की आवश्यकता है।
पंडित सुनील भराला ने कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद आने वाले समय में भी विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रहित के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को जोड़ने और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। उन्होंने दोहराया कि “राष्ट्रसेवा ही हमारा संकल्प है” और इसी भावना के साथ परिषद निरंतर कार्य करती रहेगी।