कृषि विश्वविद्यालय में स्थापना दिवस एवं रजत जयंती समारोह में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गांधी हॉल में विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस एवं रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई।

मुख्य अतिथि स्वतंत्र देव सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र अनुशासित हैं और विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के साथ ज्ञान अर्जित करने की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी ज्ञान, विज्ञान और तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की है।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में ड्रोन, सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि इन तकनीकों का उपयोग किसानों की क्षमता बढ़ाने और उनकी आय में वृद्धि के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलों की प्रजातियों के विकास तथा ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। मंत्री ने वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से कम क्षेत्रफल में गुणवत्तापूर्ण और अधिक उत्पादन लेने पर भी जोर दिया।

स्वतंत्र देव सिंह ने जल और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कहा कि खेत का पानी खेत में रोकने की दिशा में काम होना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक खेत की मेड़ पर पेड़ लगाने की आवश्यकता बताई। नदियों को प्रदूषण से बचाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नदी और तालाबों के किनारे अनियोजित निर्माण से बचना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से जल और पेड़ों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने की। उन्होंने विश्वविद्यालय में पिछले छह माह के दौरान किए गए कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। साथ ही आगामी योजनाओं और परियोजनाओं तथा छात्र हित में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
बागपत सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि देश का भविष्य विद्यार्थियों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच ऐसा संबंध होना चाहिए, जिसमें शिक्षक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी तैयार करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी होना चाहिए।

एमएलसी अश्विनी त्यागी ने गांधी जयंती पर विद्यार्थियों और युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जिससे विद्यार्थी प्रदेश और देश की प्रगति में अपना योगदान दे सकें।
शामली विधायक प्रसन्न चौधरी ने कृषि को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। उन्होंने कृषि अनुसंधान का लाभ किसानों के खेत तक पहुंचाने और उपयोगी तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा और किसान दोनों की प्रगति देश के विकास से जुड़ी है।

एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने शिक्षा के साथ शोध और प्रसार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के कार्यों की सराहना की। उन्होंने एकता और अखंडता पर जोर देते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने नशामुक्ति के लिए भी अधिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता बताई।

क्षेत्रीय विधायक अतुल प्रधान ने विश्वविद्यालय की गतिविधियों की सराहना करते हुए प्रदेश सरकार से कृषि विश्वविद्यालय के लिए अधिक बजट आवंटित किए जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कृषि और शोध से जुड़े कार्यों को और गति मिल सकती है।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि स्वतंत्र देव सिंह ने विश्वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष के लोगो और पुस्तकों का विमोचन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रमिला उमराव ने किया, जबकि धन्यवाद प्रस्ताव विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. वीपी सिंह ने प्रस्तुत किया। समारोह में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ विश्वविद्यालय के निदेशक, अधिष्ठाता, शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।