पुलिस गिरफ्त में आरोपी
सरूरपुर पुलिस की कार्रवाई, साइबर ठगों को बैंक खातों की जानकारी और अन्य साधन उपलब्ध कराने का आरोप
मेरठ । साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना सरूरपुर पुलिस ने साइबर ठगी के लिए कथित तौर पर फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और विभिन्न बैंकों की छह बैंक पासबुक बरामद की गई हैं। मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस ने वांछित बताया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
फर्जी पते और सिम के आधार पर खाते खुलवाने की मिली थी सूचना
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराध की रोकथाम तथा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान जानकारी मिली थी कि कुछ लोग आसपास के लोगों के फर्जी पते और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर बैंक खाते खुलवा रहे हैं। इसके बाद इन खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स और सिम कार्ड कथित रूप से निश्चित प्रतिशत लाभ के बदले साइबर ठगों को उपलब्ध कराए जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल देश और विदेश में की जाने वाली ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने तथा बाद में उसे निकालने के लिए किया जाता था। सूचना मिलने के बाद थाना सरूरपुर पुलिस ने मामले की जांच और कार्रवाई शुरू की।
ग्राम सरूरपुर से चार आरोपियों की गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सरधना के पर्यवेक्षण में थाना सरूरपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 सितंबर 2026 को ग्राम सरूरपुर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सावन पूनिया पुत्र सुनील कुमार, सनी पुत्र पदम सिंह, विकास कुमार पुत्र प्रेमचन्द्र और विक्रांत पुत्र जगदीश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी थाना सरूरपुर क्षेत्र के ग्राम सरूरपुर के निवासी हैं।
तीन मोबाइल और छह बैंक पासबुक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल तीन मोबाइल फोन और छह बैंक पासबुक बरामद की हैं। बरामद मोबाइल फोन में एक हरे रंग का रियलमी, एक काले रंग का सैमसंग और एक गहरे नीले रंग का रेडमी मोबाइल फोन शामिल है। इसके अलावा बरामद छह बैंक पासबुक में तीन भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एक यस बैंक, एक एक्सिस बैंक और एक केनरा बैंक की पासबुक शामिल हैं। पुलिस बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार बरामदगी और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर थाना सरूरपुर में मु0अ0सं0 226/2026 के तहत धारा 318(4)/3(5) बीएनएस और 66डी आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एक आरोपी बताया गया वांछित
पुलिस ने मामले में अनमोल निवासी मवाना को वांछित बताया है। पुलिस के अनुसार उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया और इस नेटवर्क से अन्य कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
- सावन पूनिया, पुत्र सुनील कुमार, निवासी ग्राम सरूरपुर, थाना सरूरपुर, मेरठ — उम्र 20 वर्ष।
- सनी, पुत्र पदम सिंह, निवासी ग्राम सरूरपुर, थाना सरूरपुर, मेरठ — उम्र 20 वर्ष।
- विकास कुमार, पुत्र प्रेमचन्द्र, निवासी ग्राम सरूरपुर, थाना सरूरपुर, मेरठ — उम्र 24 वर्ष।
- विक्रांत, पुत्र जगदीश, निवासी ग्राम सरूरपुर, थाना सरूरपुर, मेरठ — उम्र 21 वर्ष।
साइबर अपराध में बैंक खातों के दुरुपयोग पर पुलिस की नजर
इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब बरामद बैंक पासबुक और मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल एवं बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर सकती है, जिससे साइबर ठगी से जुड़े संभावित लेनदेन और नेटवर्क की जानकारी सामने आ सके। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों और अन्य माध्यमों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।