आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष के साथ एसएसपी से गुहार लगाने पहुंची 72 वर्षीय वृद्धा
बच्ची को जबरन दूर रखने का आरोप, पिता की मृत्यु के बाद दादी कर रही थीं पालन-पोषण; दस्तावेजों में नाम बदलने और बुजुर्ग महिला को बंधक बनाने के भी लगाए गंभीर आरोप
मेरठ। एक 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुखबीर जी ने अपनी चार वर्षीय पोती की बरामदगी और सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस-प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। सोमवार को उन्होंने अपने मामले को लेकर SSP मेरठ से मुलाकात की और पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए बच्ची की सकुशल बरामदगी तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी।
पोती को जबरन दूर रखने का आरोप
सुखबीर जी का आरोप है कि उनकी चार वर्षीय पोती को उनसे जबरन दूर रखा गया है। उनका कहना है कि बच्ची के पिता की मृत्यु हो चुकी है और इसके बाद से वह लंबे समय से अपनी पोती का पालन-पोषण करती रही हैं। ऐसे में बच्ची से अलग होने के कारण बुजुर्ग दादी की चिंता और परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बच्ची की स्थिति और सुरक्षा का पता लगाने तथा उसे सकुशल बरामद कराने की मांग की है।
बच्ची के दस्तावेजों में नाम बदलने का भी आरोप
मामले में बच्ची के दस्तावेजों में नाम बदलने का आरोप भी सामने आया है। इसके अलावा बुजुर्ग महिला की ओर से उन्हें बंधक बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों की ओर से पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्षता के साथ जांच कराने और उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य तथ्यों का सत्यापन करने की मांग की गई है।
SSP मेरठ से मुलाकात कर रखी मांग
बच्ची की बरामदगी और अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर सुखबीर जी ने SSP मेरठ से मुलाकात की। इस दौरान पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी गई। उनसे बच्ची की सकुशल बरामदगी, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची वर्तमान में कहां है, उसे किस परिस्थिति में दादी से अलग रखा गया और दस्तावेजों में नाम परिवर्तन सहित लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।
बुजुर्ग दादी की गुहार ने उठाए कई सवाल
चार वर्षीय मासूम बच्ची को लेकर 72 वर्षीय दादी की पुलिस अधिकारियों से लगाई गई गुहार ने मामले को गंभीर बना दिया है। दादी का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक बच्ची का पालन-पोषण किया है और अब वह उसकी सुरक्षा तथा सकुशल बरामदगी को लेकर चिंतित हैं। इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू बच्ची की सुरक्षा और उसके हितों का है। ऐसे में पुलिस द्वारा सभी पक्षों की बात सुनकर तथ्यों और दस्तावेजों की जांच करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा है।
निष्पक्ष जांच और बच्ची की सुरक्षा की मांग
मामले को लेकर पुलिस से मांग की गई है कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही बच्ची की वर्तमान स्थिति का पता लगाकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका कानून के विपरीत पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सुखबीर जी की ओर से कहा गया है कि वह अपनी पोती के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी और बच्ची की सकुशल बरामदगी तक अपनी आवाज उठाती रहेंगी।