निशुल्क सर्वाइकल वैक्सीनेशन शिविर में छात्राओं ने की सहभागिता
मेरठ। महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा “आनंदी माँ – एक जीवन बचाओ अभियान” के अंतर्गत “कैंसर मुक्त भारत” अभियान के तहत निःशुल्क सर्वाइकल (एचपीवी) वैक्सीनेशन शिविर का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के अंतर्गत आयोजित इस विशेष शिविर में छात्राओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगाई गई तथा उन्हें सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने किया। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं के स्वास्थ्य को समाज की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसकी समय रहते पहचान और टीकाकरण के माध्यम से काफी हद तक रोकथाम संभव है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवतियों और महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर खुलकर जानकारी प्राप्त करनी चाहिए तथा किसी भी बीमारी के प्रति जागरूक रहना चाहिए। समय पर टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और सही जीवनशैली अपनाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
प्रो. शुक्ला ने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं समाज में भी स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रह सकें।
टीकाकरण कराने वाली छात्राओं का किया गया उत्साहवर्धन
शिविर के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने टीकाकरण कराने वाली छात्राओं का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें उपहार भी प्रदान किए। इस अवसर पर कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के साथ कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र राणा, कुलानुशासक प्रो. बीरपाल सिंह, महिला अध्ययन केंद्र की समन्वयक प्रो. बिंदु शर्मा तथा डीन शिक्षा प्रो. राकेश शर्मा ने छात्राओं को सम्मानित करते हुए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
सीएसआर पहल के तहत लगाया गया निःशुल्क वैक्सीनेशन कैंप
विश्वविद्यालय की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के अंतर्गत आयोजित इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं में सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा एचपीवी टीकाकरण के महत्व को समझाना था।
शिविर का आयोजन डॉ. वैशाली पाटिल (प्राचार्य, फार्मेसी) एवं डॉ. प्रमोद बंसल के निर्देशन में किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण, बचाव के उपाय तथा समय पर टीकाकरण के लाभों की जानकारी भी दी।
चिकित्सकीय टीम और स्वयंसेवकों ने निभाई अहम भूमिका
शिविर के सफल संचालन में डॉ. धर्मेंद्र कुमार, फार्मासिस्ट रीता रानी, वैशाली नेगी, अंजू मलिक, राखी सिंह सहित विश्वविद्यालय के छात्र स्वयंसेवकों अंशिका, अदिति, अंजलि, आकांक्षा और अक्षित ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वयंसेवकों ने छात्राओं का पंजीकरण, टीकाकरण प्रक्रिया में सहयोग तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय योगदान दिया।
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे
कार्यक्रम के समापन पर आयोजकों ने सभी अतिथियों, चिकित्सकीय टीम, सहयोगी स्टाफ एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी महिलाओं के स्वास्थ्य, कैंसर जागरूकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और जनस्वास्थ्य से जुड़े ऐसे सामाजिक सरोकार वाले कार्यक्रम लगातार आयोजित करता रहेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के अभियान समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ महिलाओं को गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्य बिंदु
- विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र ने “आनंदी माँ – एक जीवन बचाओ अभियान” के तहत निःशुल्क एचपीवी (सर्वाइकल) वैक्सीनेशन शिविर आयोजित किया।
- कार्यक्रम “कैंसर मुक्त भारत” अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।
- कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने शिविर का शुभारंभ करते हुए महिलाओं के स्वास्थ्य और समय पर टीकाकरण के महत्व पर जोर दिया।
- सीएसआर पहल के तहत छात्राओं को निःशुल्क सर्वाइकल वैक्सीन लगाई गई।
- टीकाकरण कराने वाली छात्राओं को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप उपहार भी प्रदान किए गए।
- चिकित्सकीय टीम और छात्र स्वयंसेवकों ने शिविर के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- विश्वविद्यालय ने भविष्य में भी महिलाओं के स्वास्थ्य और कैंसर जागरूकता से जुड़े जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया।